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गेहूं खरीद : 37 दिन के बाद भी 118 क्रय केंद्रों की नहीं हुई बोहनी

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केंद्र का निरीक्षण करती एडिशनल कमिश्नर सहकारिता एकता सिंह-स्रोत विभाग
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लखीमपुर खीरी। गेहूं खरीद शुरू हुए 37 दिन हो गए। अफसर भी लगातार गेहूं खरीद बढ़ाने को केंद्रों संचालकों पर दबाव बना रहे हैं। इसके बावजूद 118 क्रय केंद्र ऐसे हैं, जहां अब तक एक दाना गेहूं नहीं तौला गया है। जिले में कुल 156 केंद्रों पर गेहूं खरीद की जा रही है। अधिकारी किसानों से एमएसपी से कम पर गेहूं न बेचने की अपील कर रहे हैं।
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जिले में होली के बाद गेहूं का कटान होता है। एक मार्च से खुले केंद्रों पर 30 तक तक सन्नाटा पसरा रहा। दो अप्रैल से जिले के कुछ केंद्रों की बोहनी हुई। गेहूं खरीद को लेकर विभिन्न कंपनियों के कुल 156 क्रय केंद्र खोले हैं। जहां पर महज 38 केंद्रों पर ही खरीद हुई। वहीं, 118 केंद्रों पर सन्नाटा पसरा हुआ है। इस बार जिले को एक लाख 88 हजार मीट्रिक टन का लक्ष्य मिला है।
शासन की प्राथमिकता है कि इस बार किसानों का ज्यादा से ज्यादा गेहूं सरकारी केंद्रों पर खरीदा जाए। इसके लिए अधिकारी पूरा जोर लगा रहे हैं। मंडी में प्रवेश करने वाली गेहूं से लदी ट्रैक्टर ट्रालियों को सीधे क्रय केंद्र भेजा जा रहा है। फसल में नमी होने पर उसे सुखाकर खरीद की जा रही है। बीते बुधवार को एक क्रय केंद्र प्रभारी ने 14 प्रतिशत तक की नमी वाले गेहूं की तौल कराई थी।
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डिप्टी आरएमओ संतोष पटेल ने बताया कि अभी तक कुल 420 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की जा सकी है। केंद्र प्रभारियों को निर्देश जारी किए गए हैं कि केंद्र पर आने वाले किसानों की फसल में यदि नमी है तो उसे सुखाकर खरीद करें। साथ ही किसानों की सुविधाओं का ध्यान रखा जाए।

24 घंटे में किया जाए किसानों का भुगतान
शुक्रवार को राजापुर मंडी पहुंची एडिशनल कमिश्नर सहकारिता एकता सिंह ने क्रय केंद्रों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने कहा कि मंडी में आने वाले किसानों से हर हाल में फसल खरीदी जाए। ज्यादा से ज्यादा किसानों का रजिस्ट्रेशन कराया जाए। साथ ही खरीद होने के 24 घंटे के बाद ही भुगतान कराया जाए।

किसी भी हाल में एमएसपी से कम न बेचें फसल
डिप्टी आरएमओ संतोष पटेल ने किसानों से अपील करते हुए कहा कि किसान किसी भी हाल में फसल एमएसपी से कम न बेचें। किसानों की फसल में यदि नमी है तो उसे क्रय केंद्र ही सुखा लें, उसके बाद तौल कराएं। आढ़तियों और बिचौलियों के चक्कर में पड़कर औने-पौने दामों में फसल न बेचें।

केंद्र का निरीक्षण करती एडिशनल कमिश्नर सहकारिता एकता सिंह-स्रोत विभाग

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