गोला गोकर्णनाथ। सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद जोर नहीं पकड़ रही है। किसान सरकारी केंद्रों पर गेहूं बेचने नहीं जा रहे हैं। ऐसे में प्रशासन ने मिलाें और आढ़तियों की भंडार सीमा निर्धारित करते हुए प्राइवेट खरीद पर सख्ती बढ़ा दी है।
तहसील क्षेत्र में एक मार्च से गेहूं खरीद के लिए विभिन्न एजेंसियों के 35 केंद्र खोले गए। 23 केंद्र कृषि उत्पादन मंडी समिति गोला में स्थापित हैं। ये केंद्र 15 जून तक संचालित होंगे। डेढ़ माह से अधिक का समय हो चुका है और खरीद केवल 34000 क्विंटल ही हुई है। अब सरकारी खरीद बढ़ाने के लिए राइस मिलों और आढ़तियों के लिए गेहूं भंडार की सीमा 5000 क्विंटल निर्धारित कर दी गई है।
इससे अधिक भंडार मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी। खाद्य विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि तहसील क्षेत्र में तहसीलदार के नेतृत्व में भंडार चेक करने के लिए चार टीमें गठित की गई हैं। शुक्रवार को खाद्य विभाग के अधिकारी के साथ तहसीलदार सुखबीर सिंह ने चार राइस मिलों का निरीक्षण किया। यहां भंडार निर्धारित सीमा के अंतर्गत पाया गया।
खाद्य विपणन अधिकारी सुभाष चंद्र ने बताया कि चार राइस मिलों का निरीक्षण किया है। उपज बिक्री के लिए संपर्क अभियान चलाकर किसानों को जागरूक किया जा रहा है।
दावा : 48 घंटे में किसानों के खाते में पहुंच रहा मूल्य
खाद्य विपणन अधिकारी ने बताया कि गेहूं का समर्थन मूल्य 2275 रुपये प्रति क्विंटल है। किसान अपने मोबाइल से उपज बिक्री के लिए रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं। आसान प्रक्रिया है। समर्थन मूल्य के साथ पल्लेदारी आदि का 20 रुपये भी किसान के खाते में वापस आ जाएगा। 48 घंटे के अंदर हर हाल में उपज का मूल्य किसान के खाते में पहुंचाया जाता है।