लखीमपुर खीरी। यूपी बोर्ड हाईस्कूल और इंटरमीडिएट का रिजल्ट शनिवार को घोषित करने जा रहा है। रिजल्ट कैसा आएगा, कितने विद्यार्थी पास होंगे और कितने फेल, नंबरों का प्रतिशत क्या होगा। इसको लेकर छात्र, अभिभावक और उनके शिक्षक बेहद चिंतित हैं। हालांकि रिजल्ट जैसा भी आए, विद्यार्थी सफल हों या फिर असफल, अभिभावकों और शिक्षकों को चाहिए कि वे विद्यार्थियों को हतोत्साहित न करें, उनके साथ सकारात्मक रूप से पेश आएं। क्योंकि एक परीक्षा परिणाम बच्चों का भविष्य तय नहीं करता और न ही इससे उसका कैरियर निर्धारित होता है। इसलिए रिजल्ट आने पर विद्यार्थी के साथ अच्छा बर्ताव करें, जिससे वह निराश न होकर भविष्य में और बेहतर करने के लिए प्रेरित हो।
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गत वर्ष के रिजल्ट का प्रतिशत
वर्ष हाईस्कूल इंटरमीडिएट
2016 75 92
2017 69.13 75.16
2018 69.78 75.48
2019 76.73 84.46
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अभिभावकों के लिए आवश्यक
परीक्षा परिणाम को लेकर तर्क वितर्क कदापि न करें, कम नंबर आने पर छात्र को डांटे नहीं और न ही किसी अन्य विद्यार्थी से तुलना करें, फेल होने पर विद्यार्थी को विश्वास में लेकर समझाएं, बच्चे को बताएं कि जीवन में सफलता, असफलता चला करती है, असफलता से सबक लेकर अगली बार अच्छे अंक लाने का संकल्प ले, विद्यार्थी के व्यवहार में होने वाले बदलाव पर नजर रखें, दूसरे क्या कहेंगे इसकी चिंता न करें।
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विद्यार्थियों के लिए आवश्यक
रिजल्ट को लेकर दिमाग में कोई वहम न पालें, घबराएं बिल्कुल नहीं, एक परीक्षा परिणाम से भविष्य निर्धारित नहीं होता, रिजल्ट जैसा भी आए, उससे सबक लेकर भविष्य में इससे और बेहतर करने का संकल्प लें, मन, मस्तिष्क में नकारात्मक सोच न लाएं।
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अभिभावक रिजल्ट को लेकर न स्वयं परेशान हों और न ही विद्यार्थी को होने दें। प्रतिशत कम, ज्यादा होने से कैरियर निर्धारित नहीं होता, विद्यार्थी भी परीक्षा परिणाम से सबक लेकर भविष्य में और बेहतर करने का संकल्प लें। इसके लिए अभिभावक प्रेरित करें।
-डॉ. अखिलेश शुक्ला, मनोचिकित्सक, जिला अस्पताल