लखीमपुर में गोला रोड पर कोहरे के कारण ट्रक वालों को जलानी पड़ रही लाइटें। संवाद
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लखीमपुर खीरी। बुधवार को भी सुबह से दोपहर तक कोहरा छाया रहा। दोपहर बाद हल्की धूप निकली, जिससे लोगों को ठंड से थोड़ी राहत मिली। ठंडक बढ़ने के बावजूद शहर में सार्वजनिक स्थानों पर तहसील प्रशासन ने अलाव नहीं जलवाए हैं, जबकि तहसीलों को अलाव जलाने के लिए एक सप्ताह पहले ही धनराशि भेजी जा चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक गुरुवार को भी कोहरा गिरेगा और ठंड बढ़ेगी। शनिवार को आंशिक रूप से बादल छाएंगे, जिससे कुछ स्थानों पर हल्की वर्षा भी हो सकती है। वहीं, कोहरे के लगातार बढ़ने से सब्जियों पर इसका असर पड़ सकता है।
घने कोहरे के चलते धूप न निकलने से ठंड का असर बढ़ने लगा है। गुरुवार को भी कोहरा गिरने के संकेत मौसम विभाग ने दिए हैं और साथ ही ठंड भी बढ़ेगी। तापमान में कुछ अंकों की गिरावट आएगी। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को भी कोहरा गिरेगा। शुक्रवार को आसमान साफ रहेगा। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभ के असर से शनिवार को कोहरे के साथ ही बादल छाएंगे, जिससे कुछ जगहों पर हल्की बारिश हो सकती है।
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सरसों की फसल में आरा मक्खी के प्रकोप का खतरा
कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन के मुताबिक इस सीजन में सरसों की फसल में आरा मक्खी और बालदार सुंडी कीट का प्रकोप दिखाई पड़ सकता है। इसकी रोकथाम के लिए इमामेक्टिन बेंजोएट पांच प्रतिशत एसजी 200 ग्राम प्रति हेक्टयर की दर से 500 लीटर पानी में घोल बनाकर छिड़काव करें।
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सब्जियों पर कोहरे का पड़ेगा असर
कोहरा गिरने से सब्जियों खासकर टमाटर की फसल में पछेती झुलसा और बैक्टीरियल बिल्ट रोग का प्रकोप हो सकता है। इनसे बचाव के लिए कृषि वैज्ञानिक ने 10 लीटर पानी में 30 ग्राम कॉपर आक्सीक्लोराइड और एक ग्राम स्ट्रेप्टोसाइलिन का मिश्रण मिलाकर छिड़काव करने की सलाह दी हैै। अन्य सब्जियों की फसलों में फल व पत्ती छेदक कीट का प्रकोप दिखाई देने पर नीम आयल की 1.5 मिली/लीटर पानी में घोल बनाकर तीन से चार बार छिड़काव आठ से 10 दिन के अंतराल पर करें।
पलिया/मझगईं। इलाके में बुधवार का दिन सबसे ज्यादा ठंडा रहा। सुबह से दोपहर बाद तक कोहरा पड़ता रहा। दोपहर बाद कुछ देर के लिए हल्की धूप निकली, लेकिन पूरे दिन आसमान में धुंध छाई रही। कोहरे के कारण वाहन चालकों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा और वह दिन में लाइट जलाकर निकलने को विवश हुए। कोहरे व एकदम से बढ़ी ठंड से बचने के लिए कई जगह लोग अलाव तापते नजर आए। संवाद