मझगईं में छाया रहा कोहरा। संवाद
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लखीमपुर खीरी। मौसम की लुकाछिपी जारी है। नवंबर समाप्त हो गया और शीतलहर चलने के मौसम विभाग के अनुमान भी धरे रह गए। ठंड के तेवर पिछले सालों के मुकाबले इस वर्ष ढीले नजर आ रहे हैं। न्यूनतम और अधिकतम तापमान अब भी सामान्य के करीब बना हुआ है, जिससे शीतलहर या गलन जैसी ठंडक अभी शुरू नहीं हो पाई है। इससे लोगों को राहत ही मिली है। वहीं मौसम विभाग ने भी अगले चार-पांच दिनों तक मौसम सामान्य रहने की बात कही है।
तराई क्षेत्र होने के कारण जिले में ठंडक के साथ ही गलन और शीतलहर का प्रकोप होता है, लेकिन इस बार गलन और शीतलहर का असर देखने को नहीं मिला है। इसके लिए मौसम विशेषज्ञ मानते हैं कि धूप लगातार निकल रही है और बादलों की आवाजाही भी बंद है। पश्चिमी विक्षोभ का भी असर नहीं है। मौसम साफ रहने से तापमान स्थिर हो गया है और तेज हवाएं भी नहीं चल रही हैं। इसलिए ठंडक में तेजी देखने को नहीं मिल रही है। अगले चार-पांच दिनों तक तापमान स्थिर रहने की संभावना जताई गई है। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि धूप लगातार निकल रही है, जिससे न्यूनतम और अधिकतम तापमान स्थिर है। सोमवार को न्यूनतम तापमान 11 डिग्री और अधिकतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य तापमान से कुछ डिग्री ही कम है। मंगलवार को न्यूनतम तापमान में एक डिग्री वृद्धि होने का अनुमान है, जबकि अधिकतम तापमान 26 डिग्री के आसपास ही रहेगा। उन्होंने बताया कि सोमवार को हवा का रुख दक्षिण-पश्चिमी रहा है, जो मंगलवार से पूरब की ओर से हो जाएगा।
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तराई क्षेत्र में सुबह गिर रहा कोहरा, दूसरे क्षेत्रों में खिल रही धूप
लखीमपुर खीरी। जिले में मौसम के तेवर अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग नजर आ रहे हैं। तराई क्षेत्र के पलिया, निघासन और धौरहरा क्षेत्र में सुबह के समय कोहरा और धुंध पड़ रही है, जिससे लोगों को सुबह ठंडक का सामना करना पड़ रहा है। तो वहीं मैदानी क्षेत्र में शुमार लखीमपुर, मितौली, मोहम्मदी, गोला तहसील क्षेत्र में मौसम सामान्य बना हुआ है। इन क्षेत्रों में कोहरा और धुंध गायब है। इससे दिन में अच्छी धूप खिल रही है। तापमान भी स्थिर रहने से दिन में कई बार लोगों को गर्मी का अहसास होने लगता है, जिससे गर्म कपड़े पहने रहना मुश्किल हो जाता है। मौसम के यही तेवर ज्यादा दिनों तक बने रहे, तो फसलों पर भी असर पड़ सकता है। कोहरा न गिरने से आलू की फसल अच्छी होगी। कृषि वैज्ञानिक डॉ पीके बिसेन ने बताया कि अभी मौसम फसलों के अनुकूल है, जिससे फसलों पर कोई विपरीत असर नहीं होगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर में कोहरा गिरने से गेहूं की फसल अच्छी रहेगी। संवाद