लखीमपुर खीरी। कोरोना महामारी से बचाव के लिए पूरा देश महीनों से लॉकडाउन है, तो वहीं मौसम के बिगड़े तेवर ने इस वर्ष किसानों को संकट में डाल रखा है। जनवरी से अब तक लगातार बेमौसम बारिश से फसलों को फायदा होने के बजाय नुकसान ज्यादा हुआ है। मार्च में फसलों के पकने के समय बारिश-ओलावृष्टि ने जमकर कहर बरपाया था, जिसके बाद कटने की बारी आई तो फिर से आंधी-बारिश ने किसानों परेशानी में डाल दिया है। इसके अलावा पेड़ों के गिरने से जान-माल का भी नुकसान हुआ है। जिला कृषि अधिकारी सत्येंद्र प्रताप सिंह ने कहा है कि जिन किसानों ने फसल बीमा करा रखा है, वे 72 घंटे के अंदर नुकसान की भरपाई के लिए बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर क्लेम दर्ज कराएं। उधर, एडीएम अरुण कुमार सिंह ने बताया है कि सभी तहसीलों से फसलों को हुए नुकसान की रिपोर्ट मांगी है। 33 प्रतिशत से ज्यादा नुकसान होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा।
बारिश से ईंट भट्ठा मालिकों को भी नुकसान
ईट भट्ठों में तैयार कच्ची ईंटें भी बारिश में गल गईं, जिससे मालिकों को लाखों का नुकसान हुआ है। भट्ठा संचालक दिनेश दीक्षित का कहना है कि बड़ी मुश्किल से लॉकडाउन में भट्टा संचालन की सरकार से छूट मिली थी। किसी तरह भट्ठा चालू किया, तो अब बारिश ने तैयार हो रहे माल को बर्बाद कर दिया।