लखीमपुर खीरी। मौसम विभाग की भविष्यवाणी केे मुताबिक रविवार को जिले भर में आंधी ने कहर बरपाया, तो कुछ इलाकों में बारिश और हल्की ओलावृष्टि हुई। मौसम के बदले तेवर से किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं, क्योंकि खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने के आसार बने हुए हैं। कई खेतों में गेहूं की कटी फसल पड़ी है, जिसे आंधी के चलते नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार को भी आंधी के साथ बारिश होने का अलर्ट जारी किया है। मौसम विज्ञान आंचलिक केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ के चलते मौसम में बदलाव आया है। रविवार को कुछ इलाकों में आंधी आने के साथ ही बारिश हुई है। सोमवार और मंगलवार को भी ऐसा ही मौसम रहने के आसार हैं। दोनों दिनों में आंधी के साथ बारिश हो सकती है।
मझगईं। रविवार सुबह कंधरहिया गांव निवासी छड़ीराम का परिवार बारिश के दौरान घर के अंदर बैठा था। बारिश के साथ आई तेज हवा से पेड़ घर के ऊपर गिर गया। घर वालों ने किसी तरह भागकर जान बचाई। पड़ोस के कृपाशंकर घर पर चढ़ीं सीमेंट की चादरें भी टूटकर गिर गईं। भगवंतनगर गांव निवासी भारत के खेत में कटी गेहूं की फसल बारिश से भीगकर बरबाद हो गई। बल्लीपुर से पतिया जाने वाला रास्ता भी बरसात में तालाब बन गया।
बांकेगंज: ओलावृष्टि के साथ हुई बारिश, गेहूं की कटाई बाधित
रविवार को सुबह हल्की ओलावृष्टि के बाद तेज बारिश हुई। बेमौसम हुई बारिश से किसानों के खेतों में पकी खड़ी गेहूं की फसल में नमी आने से कटाई कार्य प्रभावित हो गया है। साथ ही किसानों के खेतों में कटी पड़ी गेहूं फसल और पशुओं के चारे के लिए लगे भूसे के ढेर भीग गए। इस बारिश से जहां गेहूं की फसल को आंशिक नुकसान पहुंचा है, वहीं गन्ने के लिए यह बारिश वरदान साबित हुई है।
गोला: बादल छाए रहने से किसानों की बढ़ी धड़कने
बदलते मौसम ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। कई खेतों में गेहूं की फसल कटी पड़ी हैं, वहीं कुछ जगहों पर गेेहूं की कटाई मड़ाई चल रही है। बादलों का मिजाज देखकर किसान चिंतित हो उठे हैं, यदि कहीं बरसात या ओलावृष्टि हुई तो उसकी मेहनत बरबाद हो जाएगी। हालांकि मौसम ठंडा होने से लोगों को गर्मी से निजात मिली है।
गुलरिया: सुबह हुई झमाझम बारिश, गलियां हुई जलमग्न
रविवार सुबह आई तेज आंधी और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया। पानी निकासी की व्यवस्था न होने से गलियों में पानी भर गया, जिससे लोगों को काफी दिक्कत हुई।
जिन किसानों की गेहूं की फसल खेतों में खड़ी है, उनके दिल की धड़कने तेज हो गईं हैं। खेतों, रास्तों पर पानी भरने से गन्ने की सप्लाई भी एक-दो दिन के लिए प्रभावित हो गई है। रविवार सुबह सात बजे अचानक आई तेज आंधी से घरों के छप्पर उड़ गए। रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी। पड़रिया तुला में पानी का निकास न होने से गलियों में एक फुट पानी भर गया।
बिजली कड़कने से किशोरी डरी, बेहोश
तिकुनियां आसमान में कड़की बिजली से खेत से घर लौट रही किशोरी डर गई। वह किसी तरह भागकर घर पहुंची और बेहोश हो गई। परिवार वालों ने उसे पीएचसी तिकुनियां में भर्ती कराया है।
गांव खैरटिया निवासी बबलू ने बताया कि रविवार सुबह नौ बजे वह अपने खेत में भूसा रख रहे थे। इसी बीच पुत्री पुष्पा (16) चारा लेने खेत में आ गई। वह काम समाप्त कर पुत्री के साथ घर लौट रहे थे। इसी बीच आसमान में तेज आवाज के साथ बिजली कड़की। इससे डर कर पुत्री ने सिर पर रखा चारे का बोझ फेंक दिया और भागकर घर पहुंची। घर पहुंचते ही वह बेहोश हो गयी। घर वालों ने उसे तिकुनियां पीएसी में भर्ती कराया है, जहां उसकी हालत ठीक है।