गोला गोकर्णनाथ-बांकेगंज। क्षेत्र में 24 घंटे बाद शनिवार दोपहर आसमान में छाए काले घने बादलों के साथ तेज बारिश और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान पहुंचा है। बेमौसम हुई बारिश से किसानों के खेतों में खड़ी लहलहाती फसलों में 50 फीसदी से अधिक नुकसान होने की संभावना जताई जा रही है।
गोला क्षेत्र में शनिवार की दोपहर बाद ओलावृष्टि के साथ कोई घनघोर बारिश से निचले इलाकों में जलभराव हो गया। साथ ही मौसम भी काफी सर्द हो गया। रजागंज क्षेत्र के निकटवर्ती गांव करनपुर, मुर्तिहा, उद्यानपुर, पचपेड़वा, सौठन, केशवापुर, भल्लिया बुजुर्ग, निपनियां, हर्रैया, शहाबुद्धीनपुर, बहेरवा, करमुलहापुर, नौवाखेडा, खजुहा, सियाथू, बैकुंठा, खम्हौल समेत पूरे क्षेत्र मे बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि के कहर ने खेतों मे खडी गेहूं, चना, मसूर, सरसों, तुरई, भिंडी, उर्द जैसी दलहनी तिलहनी फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। कृषक सुरेश कुमार, नरेश कुमार, बालगोविंद, प्रजापति, हसीब खां ने बताया ओलावृष्टि बेमौसम बारिश ने हम किसानों की कमर तोड़ दी है। उधर, ममरी, रोशननगर में गिरे ओले से फसलें नष्ट होने की हालत में हें। कुकरा क्षेत्र में ओले गिरने से फसलों को नुकसान पहुंचा है।
बांकेगंज में दोपहर करीब तीन बजे बिजली की चमक के साथ बांकेगंज कस्बा सहित क्षेत्र के कुकरा, पूरनपुर, हरदुआ, ढ़ाका, पहाड़ नगर, खंजनपुर आदि गांवों में बारिश के साथ हुई ओलावृष्टि से फसलों को क्षति पहुंची। क्षेत्रीय किसानों का कहना है कि बेमौसम हुई इस बारिश से उनकी गेहूं, मसूर, आलू, शाकभाजी फसलों में 50 फीसदी से अधिक नुकसान पहुंचा है। वहीं इस बारिश और ओलावृष्टि से आम बागों के पेड़ों में लगे बौर को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों का कहना है कि पिछले तीन दिनों से बेमौसम हो रही बारिश से उनकी बसंतकालीन गन्ना बुआई भी पिछड़ रही है। इस बारिश से किसानों फसलें चौपट होने से उनकी आर्थिक स्थित डांवाडोल हो गई है। उधर, मैलानी क्षेत्र में शाम को बारिश के साथ ही हल्की ओलावृष्टि भी हुई। बारिश के बाद भी आसमान में घने काले बादल छाए रहे। लिहाजा तेज बारिश, आंधी और ओलावृष्टि की आशंका से किसानों के चेहरों पर मायूसी झलकने लगी। आकाश में घने बादलों को उमड़ते-घुमड़ते देख किसानों की पेशानी पर बल पड़ने लगे हैं।