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दिन भर नहीं निकली धूप, छाया रहा कोहरा

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गलन बढ़ी, पारा दो डिग्री लुढ़कने से बढ़ी ठंड, स्वेटर और कंबलों की बिक्री बढ़ी
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मौसम विभाग ने कहा, दो-तीन दिन ऐसा ही रहेगा मौसम, बारिश की भी आशंका

लखीमपुर खीरी। पहाड़ों पर हो रही बर्फबारी का असर तराई में भी दिखने लगा है। गुरुवार को पूरे दिन कोहरा छाया रहा, जिससे सूरज के दर्शन नहीं हुए। इससे गलन बढ़ गई है और ठंडी हवाएं चलीं। दिन भर लोग ठंड के चलते घरों में दुबके रहे। जरूरी काम के लिए ही लोग घरों से बाहर निकले। मौसम विभाग ने दो-तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना जताई है। साथ ही बारिश होने की आशंका व्यक्त की है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी का असर गुरुवार को दिखाई पड़ा। सुबह से ही कोहरा छाया रहा। धूप न निकलने से अचानक ठंड का प्रकोप बढ़ गया। जनपद में जंगल अधिक होने से कोहरे का प्रकोप अधिक रहता है, लेकिन पहाड़ों पर होने वाली बर्फबारी ने इसका असर दोहरा कर दिया। मौसम में गलन बढ़ गई। हालांकि बारिश नहीं हुई लेकिन दिन भर धुंध और बादल छाए रहने से बारिश की संभावना बनी रही। विज्ञान आंचलिक केंद्र लखनऊ के मौसम विशेषज्ञ जेपी गुप्ता के मुताबिक अभी दो-तीन दिनों तक ऐसा ही मौसम रहने की संभावना है। शुक्रवार को बारिश हो सकती है और ठंडी हवाएं चल सकती हैं। कोहरे का भी प्रकोप बना रहेेगा, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। कोहरे की वजह से सड़कों पर दुर्घटनाओं की भी आशंका बढ़ गई है। खासकर गन्ना सीजन के चलते ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और बैलगाड़ियां हादसों का बड़ा कारण बन सकते हैं, क्योंकि इनमें रिफ्लेक्टर लाइट न होने से कोहरे में वाहन चालकों को आगे की स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाता।
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गुरुवार को दिन का अधिकतम 19 डिग्री और न्यूनतम तापमान 13 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम विभाग की चेतावनी को देखते हुए तापमान में और गिरावट आएगी। दिसंबर में मौसम के इस मिजाज से राहत मिलने के आसार कम ही नजर आ रहे हैं। जिला आपदा विशेषज्ञ पंकज मिश्रा ने बताया कि दो-तीन दिन तक बारिश की संभावना है, लेकिन इसके बाद भी कोहरे से राहत मिलने के कम ही आसार हैं। नए साल के आगमन के बाद ही कोहरा कम होगा। उन्होंने कहा कि दिसंबर के शेष दिनों में भी लोगों को सावधानी बरतनी होगी।
गोला गोकर्णनाथ। गुरुवार को एकाएक बढ़ी सर्दी से लोगों की कंपकंपी बढ़ गई। तहसील प्रशासन ने नगर में विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाए हैं। एसडीएम अखिलेश यादव ने नगर में बने अस्थायी रैन बसेरों का निरीक्षण भी किया।
गुरुवार की सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। दिन में हल्की बूंदाबांदी भी हुई। शीतलहर से मौसम में सर्दी बढ़ने से शाम होते ही लोग घरों में दुबक गए। बढ़ी सर्दी को देखते हुए एसडीएम अखिलेश यादव ने रोडवेज बस स्टॉप के निकट और नीलकंठ मैदान में बने अस्थायी रैन बसेरों का निरीक्षण किया। रैन बसेरों के निकट और नगर में विभिन्न स्थानों पर अलाव जलवाए।

लेखपालों की हड़ताल के कारण कई जगह नहीं जल पाए अलाव
लखीमपुर खीरी। शीतलहर का प्रकोप शुरू हो गया है, लेकिन कई जगह अलाव नहीं जलवाए जा सके हैं। नगर पालिका/नगर पंचायत क्षेत्र में अलाव जलवाने की जिम्मेदारी ईओ पर है। जबकि ग्रामीण क्षेत्र में तहसीलदार को जिम्मेदारी दी गई है। गुरुवार को धूप न निकलने से इस सीजन का पहला सबसे ठंडा दिन रहा, फिर भी नगर और ग्रामीण क्षेत्र में अलाव नहीं जलवाए जा सके। ऐसा लेखपालों की हड़ताल के चलते हुआ है, क्योंकि ग्रामीण क्षेत्र में अलाव जलवाने की व्यवस्था लेखपालों के जिम्मे रहती है। कंबल वितरण भी नाममात्र का 147 लोगों को कराया जा सका, जिसके लिए कंबल सप्लाई में देरी को वजह बताया जा रहा है।
शहर में गुरुवार को प्रमुख स्थानों रेलवे स्टेशन, बस अड्डा, जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, कचेहरी आदि स्थानों पर अलाव नहीं जलवाए गएं। असल हकीकत यह है कि गुरुवार को मौसम को रुख देखकर जिला प्रशासन ने अलाव और कंबल वितरण की व्यवस्था का खाका तैयार करना शुरू किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में लेखपालों की हड़ताल के चलते अलाव जलवाने में तहसील प्रशासन को मशक्कत करनी पड़ सकती है। हालांकि आपदा राहत विभाग के मुताबिक गुरुवार को लखीमपुर और मोहम्मदी तहसील क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर 136 अलाव जलवाए गए। अन्य पांच तहसीलों गोला, मितौली, निघासन, पलिया, धौरहरा से अलाव जलाने की कोई रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है। ठंड से गरीब और निराश्रितों को बचाने के लिए 22 रैन बसेरा/शेल्टर होम स्थापित किए गए हैं, लेकिन इनमें भी सुविधाओं का टोटा है। मसलन टेंट लगा दिया गया है, लेटने/बैठने के लिए कंबल आदि की व्यवस्था नहीं है और न ही कोई कर्मचारी तैनात है। इसलिए रैन बसेरा महज शोपीस बने हैं।

8046 कंबलों की खेप तहसीलों में भेजी
कंबल वितरण में देरी की वजह आपूर्ति मिलने में हुई देरी बताई जा रही है। कुल 8046 कंबलों की खरीद की गई है, जिसकी आपूर्ति बुधवार की शाम को हुई है। कंबलों को रात में ही सभी तहसील मुख्यालयों पर भेजवाया गया है। जल्द ही इनका वितरण कराया जाएगा।

मौसम के तेवर को देखते हुए नगर और ग्रामीण क्षेत्रों में अलाव जलवाए गए हैं। लेखपालों की हड़ताल से ग्रामीण क्षेत्र में अलाव जलवाने का काम प्रभावित हुआ है, लेकिन अन्य कर्मचारियों से व्यवस्था सुचारू कराने के निर्देश दिए हैं। कंबलों का वितरण शुरू करा दिया गया है।
-अरुण कुमार सिंह, एडीएम

जारी रही लेखपालों की हड़ताल, कामकाज प्रभावित
लखीमपुर खीरी। उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ के प्रांतीय आह्वान पर जारी लेखपालों का कार्य बहिष्कार और धरना प्रदर्शन तीसरे दिन भी सभी तहसीलों में हुआ। सदर तहसील में अध्यक्ष रामकृष्ण मिश्रा और मंत्री अनुराग शुक्ला की अगुवाई में लेखपालों ने प्रदर्शन कर लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की। प्रदर्शन में चंद्रप्रकाश सिंह, उदयभानु सिंह, रमाकांत मौर्या, सर्वेश शुक्ला, संगीता श्रीवास्तव, साक्षी सिंह, पुष्पलता, सुरेंद्र सिंह शामिल हुए।
गोला गोकर्णनाथ। उप्र लेखपाल संघ आह्वान पर तहसील के लेखपालों ने अपनी मांगों के समर्थन में कलमबंद हड़ताल जारी रखकर आरपार की लड़ाई लड़ने का एलान किया है। संघ के तहसील अध्यक्ष आदित्य कुमार मिश्र के नेतृत्व में सभागार में कार्य बहिष्कार पर बैठे लेखपालों को संबोधित करते हुए वरिष्ठ उपाध्यक्ष निधि कश्यप ने कहा कि शासन को लेखपालों की मांगों को गंभीरता से न लेकर जन सामान्य को असुविधा का सामना करने के लिए विवश कर रही है। अनुज प्रताप सिंह ने कहा कि शासन तमाम आश्वासनों और कार्यवृत्तियों को जारी कर संघ के कार्यक्रम को स्थगित करा देता है लेकिन अब लेखपाल मानने वाले नहीं है और अपनी मांगें माने जाने तक कलमबंद हड़ताल जारी रखेंगे।
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इस मौके पर विनोद कुमार, भूपेंद्र सिंह वर्मा, रजनीश सिंह, पूनम यादव, होमलता वर्मा, देवेंद्र सिंह, उत्तम कुमार, मनोज कुमार, शैलेंद्र वर्मा, पुष्कर राज शुक्ल, रामनरेश गुप्ता, लालचंद यादव आदि मौजूद रहे।
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