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दिन भर चला मौसम में उतार-चढ़ाव, सुबह हल्की बारिश के बाद धूप खिली

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लखीमपुर खीरी। रविवार को सुबह बादल छाए रहे। कुछ स्थानों पर हल्की बारिश भी हुई, उसके बाद धूप निकल आई। दिन भर बादलों की आवाजाही से कई बार सूरज बादलों की ओट में छिपता रहा। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही रहेगी और धूप भी निकलेगी। वहीं अगर हवा ने साथ दिया तो बारिश भी हो सकती है। वहीं कृषि विशेषज्ञों ने हल्की बारिश से फसलों में नुकसान न होने की बात कही है।
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सुबह मौसम के बदले तेवरों से किसानों में खलबली मची थी, क्योंकि सरसों की फसल में फूल आने के साथ ही बालियां बनने लगी हैं। हालांकि हल्की बारिश से फसलों को कोई नुकसान होने की उम्मीद नहीं है। दोपहर में अच्छी धूप खिलने से लोग रविवार को खरीददारी सहित अन्य कार्यों से बाहर निकले, जिससे बाजार में चहल-पहल दिखी। मौसम विभाग के मुताबिक, अगले तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही रहेगी, लेकिन बारिश होने की संभावना नहीं है। रविवार को अधिकतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 डिग्री रहा। मौसम विज्ञान केंद्र लखनऊ के निदेशक जेपी गुप्ता ने बताया कि तीन दिनों तक बादलों की आवाजाही रहेगी। बारिश होने की संभावना कम है। गुरुवार से आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा। सुबह के वक्त कोहरा गिर सकता है।
अमीरनगर। रविवार की रात गरज चमक के साथ हल्की बारिश के बाद रविवार को दिन भर आसमान में बादल छाए रहे। क्षेत्र के किसानों का कहना है इस समय गेहूं, मसूर, सरसों और शरदकालीन गन्ने के साथ में उगाई गई सह फसलों को बारिश के पानी की जरूरत थी। हल्की बूंदाबांदी होकर मौसम खुल गया। इससे किसानों को निराशा हाथ लगी।
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बग्घून। क्षेत्र में शनिवार शाम से मौसम बिगड़ने से ठंड के आसार बढ़ गए। शनिवार रात गड़गड़ाहट और बिजली की चमक के बाद बूंदाबांदी होने से रबी की फसल में किसानों को कुछ राहत मिली। खेत में नमी हो जाने से किसान खेत में यूरिया खाद डालने के लिये दुकानों की ओर रुख करने लगे हैं।
सिकंद्राबाद। शनिवार देर रात और रविवार की सुबह हुई हल्की बूंदाबांदी से जहां किसानों की फसलों को मामूली नुकसान हुआ। वहीं कई जगह खराबी आने से बिजली भी गुल हुई। किसान अंगू खां ने बताया बारिश हल्की हुई है, इससे कोई खास नुकसान नहीं हुआ है।
बूंदाबांदी के बाद खुल गया मौसम, निकली धूप
गोला गोकर्णनाथ। कई दिनों से पड़ रही सर्दी में शनिवार की रात से रविवार को सुबह हुई बूंदाबांदी से मौसम सर्द हो गया है। किसानों को उम्मीद थी कि वर्षा हो जाने से सरसों, मसूर, गेहूं, गन्ना और दलहनी फसलों को लाभ होगा, लेकिन बादलों के सिर्फ बूंदाबांदी तक ही रहने से उनकी आशाओं पर पानी फिर गया। हालांकि आसमान में बाल छाए रहने से लोगों को अभी भी उम्मीद है कि वर्षा होगी।
इस समय मसूर, लाही, टमाटर, गेहूं आदि फसलों को बारिश के पानी की जरूरत है। वर्षा हो जाए तो प्राकृतिक सिंचाई से लाभ के साथ डीजल की बचत हो सकती है। - किसान टीटू खां निवासी देवरिया
बूंदाबांदी होने के बाद मौसम खुल गया। इस समय फसलों को बारिश के पानी की जरूरत थी। आर्थिक रूप से परेशान किसान को राहत मिल जाएगी। - सज्जन सिंह अर्कवंशी निवासी कुम्भी।
फसल की सिंचाई करते नजर आयेे किसान
बेहजम खीरी। बेहजम क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी के साथ किसान अपने गेहूं और सरसों के खेतों में सिंचाई करते नजर आए, वहीं किसानों ने बताया कि शीतकालीन की बरसात से फसलों की अच्छी पैदावार के साथ गन्ना बुवाई में बरसात मददगार साबित होती है।
मितौली/भीखमपुर। क्षेत्र के किसान श्याम प्रकाश सिंह ने बताया कि अगर हल्की बारिश हो रही है तो रबी की फसलों को नुकसान नहीं है। इस ठंड में हो रही हल्की बारिश से आलू और टमाटर में होने वाला झुलसा रोग लगने की भी संभावना कम हो जाएगी। वहीं किसान रामपाल, रामदर्शन, शिवाजी, रामलखन समेत कई किसानों का कहना है कि जोरदार बारिश से गेहूं, मसूर, सरसों की फसल को फायदा पहुंचेगा।
मझगईं में देर रात तक होती रही बारिश
मझगई। रविवार दोपहर बाद तेज पछुवा हवा चलने से देर शाम सात बजे इलाके में फिर से बारिश शुरू हो गई। बारिश से जहां ठंड काफी बढ़ गई, वहीं किसानों में कहीं खुशी कहीं गम का मामला नजर आया। बारिश से जहां गेहूं व गन्ने की फसल को फायदा होगा, वहीं किसानों के खेतों में पकने की कगार पर पहुंच चुकी सरसों की फसल को नुकसान पहुंचेगा। बेमौसम बारिश से किसानों में भी असमंजस के हालात हैं। संवाद
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