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Lakhimpur Kheri News: गोशालाओं में जलभराव और कीचड़... मुश्किल में गोवंश

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पलिया के बसंतापुर गोवंश आश्रय केंद्र में घूमते गोवंश। संवाद
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लखीमपुर खीरी। बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों के अलावा अन्य क्षेत्रों की गोशालाओं के हालात अच्छे नहीं हैं। जलभराव की समस्या हर गोशाला में है। हरे चारा का संकट भी है। गोशाला संचालक पशुओं के स्वास्थ्य की देखरेख करने का दावा कर रहे हैं लेकिन कई गोशालाओं में कई दिनों से कीचड़ और जलभराव होने से संक्रमण बीमारियां फैलने की आशंका बनी है।
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संपूर्णानगर के विशेनपुरी गांव में बने अस्थायी गोवंश आश्रय केंद्र में कीचड़ है। केयरटेकर उपेंद्र और विशाल ने बताया कि 240 गोवंश हैं। जिनकी देखरेख करने के लिए छह व्यक्ति हैं। बाढ़ का पानी तो नहीं आया है, लेकिन बारिश होने से कीचड़ हो गया है। भूसे की पर्याप्त व्यवस्था और खेत में चारा लगा है। प्रतिदिन चिकित्सक आते हैं। गोवंशों का चेकअप करते हैं। पशु चिकित्सक डाॅ. वीर बहादुर गोवंश आश्रय केंद्र की बराबर निगरानी टीम के साथ करते हैं।

पचास फीट के टिनशेड के नीचे रखे जा रहे 76 गोवंश
ममरी। क्षेत्र की ग्राम पंचायत हैदराबाद में चारागाह की डेढ़ एकड़ भूमि पर 15 लाख रुपये की लागत में बने अस्थायी गोशाला में 76 गोवंशीय पशु रखे जा रहे हैं। इसमें एक बीमार है। ग्राम प्रधान आजाद अली ने बताया कि गोवंशों का इलाज गोला पशु चिकित्सालय के डॉक्टर और कंपाउंडर कर रहे हैं, जो समय-समय पर पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करते हैं। हरा चारा रोशन नगर आदि स्थानों से मंगाना पड़ रहा है। जलभराव वाले स्थान पर मिट्टी पटाई कर राबिश डलवा दी है। पशुओं के रहने के लिए 50 फीट का टिननशेड पड़ा हुआ है। रात में प्रकाश के लिए बिजली की व्यवस्था है। पशुओं की देखभाल के लिए तीन कर्मचारी मौजूद हैं। संवाद
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नाव से हरा चारा लाकर खिला रहे गोवंशों को
मोहम्मदी। मियांपुर कॉलोनी गोशाला में 280 गोवंश हैं। गोशाला गोमती नदी के किनारे टापू पर बनी हुई है। नाव से हरा चारा लेकर जाना पड़ता है। शुक्रवार को पशु चिकित्सालय के फार्मासिस्ट रजनीश वर्मा, बीडीओ अश्वनी सिंह नाव पर बैठ कर गोशाला गए और निरीक्षण किया। सभी पशु ठीक मिले। संवाद

बरसाती पानी गोवंशों के जीवन को मुश्किल में डाल रहा

फोटो- 71 नंबर

बिजुआ। ब्लॉक बिजुआ में सात गोशालाएं हैं। बिजुआ में 176, पड़रिया तिलकापुर में 130 गोवंश, राजगढ़ में 130 गोवंश, लखहा अलीगंज में 94, रहीमनगर में 196, बैबहा मुन्नूसिंह में 135, चौखड़ा में 60 गोवंश हैं। गोशालाएं ऊंचे क्षेत्र में है लेकिन बारिश के पानी से हालात ठीक नहीं हैं। कई गोशालाओं में पानी भरा है। इससे मच्छर पनप रहे हैं। बरसाती पानी से कीचड़ है। गोशालाओं में हरा चारा और भूसा उपलब्ध होने का दावा किया जा रहा है लेकिन दाना नहीं है। सभी गोशाला में एक दो पशु कमजोर और बीमार हैं। दो सप्ताह में दो गोवंश के मरने की बात सामने आई है। संवाद
मझगईं में भी गोशालाओं के हालात खराब
पलिया। बसंतापुर कलां स्थित गोवंश आश्रय केंद्र पर गोवंशों की संख्या अधिक नहीं है, लेकिन बारिश को लेकर यहां इंतजाम दुरुस्त कर लिए हैं। यहांकोई बीमार पशु नहीं है। बीडीओ संगीता यादव ने बताया कि गोवंश केंद्रों का बराबर जायजा लिया जाता है। मझगईं में गोशाला के हालात अच्छे नहीं है। वहां के गोवंशों को दूसरे गोवंश केंद्र में शिफ्ट करने की बात कही है। संवाद

पलिया के बसंतापुर गोवंश आश्रय केंद्र में घूमते गोवंश। संवाद

पलिया के बसंतापुर गोवंश आश्रय केंद्र में घूमते गोवंश। संवाद

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