पलियाकलां। पहाड़ों के साथ क्षेत्र में हो रही बारिश से शारदा नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी हो गई है। हालांकि अभी बाढ़ जैसा खतरा तो नहीं है, फिर भी प्रशासन अलर्ट हो गया है। बुधवार को एसडीएम कार्तिकेय सिंह ने भी टीम के साथ शारदा नदी तट पर पहुंचकर नदी के जलस्तर का जायजा लिया। नदी किनारे रहने वाले लोगों से बारिश के मौसम में अलर्ट रहने की बात भी कही।
जल आयोग के मुताबिक, बनबसा बैराज से दोपहर 12 बजे करीब 62 हजार 576 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था। यह पानी देर रात तक आएगा, लेकिन फिर भी नदी खतरे के निशान के नीचे ही रहने की बात कही जा रही है। दोपहर तीन बजे नदी का जलस्तर 154.000 सेमी और शाम चार बजे नदी का जलस्तर घटकर 153.980 सेंटीमीटर पर आ गया था।
उधर, नदी के खतरे का निशान 154.590 सेंटीमीटर है, जिससे नदी का जलस्तर अभी काफी नीचे है। फिर भी नदी किनारे के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है। अभी बाढ़ जैसे हालात तो नहीं है, लेकिन लगातार बारिश होने के बाद यहां बाढ़ की स्थिति बन सकती है। संवाद
पांच केंद्र और 12 बाढ़ चौकियों से होगी निगरानी
प्रशासन की तरफ से बाढ़ से निपटने के लिए पांच केंद्र और 12 बाढ़ चौकियों का निर्माण कराया गया है। इन केंद्रों और चौकियों से प्रशासन बाढ़ प्रभावित गांवों की निगरानी करेगा। प्रशासन की तरफ से पब्लिक इंटर कॉलेज संपूर्णानगर, पलिया तहसील मुख्यालय, त्रिलोकपुर-नौगवां बाजार, चंदनचौकी एकीकृत जनजातीय परियोजना कार्यालय व भीरा जिला पंचायत इंटर कालेज को बाढ़ केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों से बाढ़ प्रभावित गांवों की निगरानी करने का कार्य प्रशासन करेगा।
यहां बनाई गई हैं चौकियां
बाढ़ की निगरानी करने के लिए प्रशासन की तरफ से खजुरिया पंचायत भवन, बमनगर, महंगापुर के गुरु तेग बहादुर, पटिहन, मरौचा प्राथमिक विद्यालय, पलिया के बलदेव वैदिक इंटर कालेज, नौगवां बाजार, मलिनियां प्राइमरी स्कूल, थारू क्षेत्र के छेदिया पूरब प्राइमरी स्कूल, चंदनचौकी प्राइमरी स्कूल, भीरा के जिला पंचायत इंटर कालेज में चौकियां भी बनाईं गईं हैं। इन चौकियों से बाढ़ प्रभावित 54 ग्राम पंचायत व उनके मजरों की निगरानी होगी।
राजस्व विभाग की टीम केंद्र व चौकियों पर रहेगी तैनात
बाढ़ से निपटने के लिए बनाए गए बाढ़ राहत केंद्र व चौकियों पर राजस्व विभाग की टीम तैनात रहेगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग व अन्य विभागों के कर्मचारी टीम में मौजूद रहेंगे। यह बाढ़ प्रभावित गांवों पर नजर रखने का काम करेंगे। इसके लिए क्षेत्रीय लेखपालों को भी लगाया गया है।
शारदा नदी का जलस्तर अभी खतरे के निशान से नीचे हैं लेकिन फिर भी एहतियात बरतने निर्देश दिए गए हैं। करीब दो लाख क्यूसेक से अधिक पानी छोड़े जाने के बाद ही यहां बाढ़ के आसार हो सकते हैं, अभी ऐसी कोई बात नहीं है। बाढ़ केंद्र और चौकियों के जरिए बाढ़ प्रभावित गांवों में नजर रखने का काम प्रशासन कर रहा है।
-कार्तिकेय सिंह
एसडीएम, पलिया