पेड़ पर बांधी गई बिजली केबल और तार संवाद
ममरी। हेमपुर गांव के पास 17 जून को करंट प्रवाहित तार की चपेट में आकर बाइक सवार तीन लोगों की जान चली जाने के बाद भी विभागीय अधिकारियों ने सबक नहीं सीखा। कोटवारा फीडर लाइन से जुड़े बांसगांव की बिजली आपूर्ति दो महीने से एक पेड़ के सहारे चल रही है। यहां कभी भी हादसा हो सकता है, लेकिन अधिकारी बेपरवाह हैं।
बांसगांव के प्रधान सोमनाथ मिश्रा ने बताया कि करीब दो माह पूर्व देवकली बसई से बांसगांव को जाने वाली सड़क का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा कराया जा रहा था। रोलर की टक्कर लगने से एक खंभा टूट गया था। बिजली विभाग के अधिकारियों ने ठेकेदार से भारी भरकम जुर्माना भी वसूल किया था, लेकिन वहां पर दूसरा खंभा अब तक नहीं लगाया गया है। टूटे खंभे और बिजली तारों को पेड़ के सहारे बांधकर गांव वालों को बिजली आपूर्ति दी जा रही है। बारिश में पेड़ पर करंट उतरने से किसी भी वक्त बड़ा हादसा हो सकता है।
मैंने अभी जल्द ही चार्ज लिया है। इसकी जानकारी नहीं है। आज मैं बाहर हूं। दूसरा खंभा लगवाया जाएगा।
- एन. मनोस एसडीओ, विद्युत उपखंड गोला