फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: पानी का बहाव तेज, पचपेड़ी घाट पर नहीं बन सका पैंटून पुल

विज्ञापन
पेटून पुल न बनने से नाव के जरिए नदी पार करने को  को मजबूर ग्रामीण
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी/निघासन। शारदा नदी के पचपेड़ी घाट पर पानी अधिक होने के कारण पैंटून पुल शुरू नहीं हो सका है। लोग नाव से आवागमन कर रहे हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता ने पीपे का पुल शुरू कराने के लिए स्लीपर की मांग की है। अफसरों का कहना है कि पानी ज्यादा बढ़ जाने की वजह से स्लीपर की जरूरत है।
विज्ञापन

तहसील से जिला मुख्यालय जाने के तीन रास्ते हैं। ढखेरवा से होकर जाने पर लखीमपुर की दूरी 65, बंधारोड से जाने पर 55 और शारदा नदी के पचपेड़ी घाट से होकर जाने पर इसकी दूरी 35 किलोमीटर पड़ती है। प्रत्येक वर्ष शारदा नदी में पानी कम होने पर पीपों का पुल बनाकर आवागमन कराया जाता है। यह पीपों का पुल (पैंटून पुल) नवंबर से 15 जून तक चलता है। बरसात अधिक होने पर यह पुल बंद कर दिया जाता है।
इस वर्ष पीपे आए थे। काम भी शुरू हुआ लेकिन पानी का बहाव तेज होने के कारण काम रोक दिया गया है। नदी का किनारा करीब सात किलोमीटर तक बालू और धूल से भरा होने के बावजूद लोग नजदीक होने के कारण इस रास्ते से निकलते हैं। पानी अधिक होने के कारण ये लोग नाव से नदी पार कर रहे हैं। सविता दीन, जगमोहन, महेश आदि ने बताया कि नाव से उतरवाई के 20 रुपये प्रति सवारी लिए जा रहे हैं। उधर, लोक निर्माण विभाग में स्लीपर की व्यवस्था के लिए कवायद की जा रही है।
विज्ञापन


आठ किमी लंबा फाट होने की वजह से नहीं बन पा रहा पुल
पचपेड़ी घाट पर स्थायी पुल बनाने की मांग कई बार हो चुकी है। विधानसभा से लेकर लोकसभा चुनाव में मुद्दा भी बना लेकिन कभी इस पर काम नहीं शुरु हो चुका। 20 साल पहले मिट्टी की जांच भी कराई गई। 2016 में सपा सरकार में काम शुरू हुआ, लेकिन बाद में फाट बड़ा होने की वजह से काम बंद हो गया। निर्माण खंड -1 का कहना है कि हम लोग 60 मीटर की लंबाई तक का पुल बनाते हैं। इससे ऊपर का सेतु निगम बनाता है। आठ किमी लंबा फाट होने की वजह से मुश्किल आ रही है।

मुख्य नहर बंद होने की वजह से पचपेड़ी घाट पर पानी बढ़ गया है। इसलिए अन्य स्लीपर की आवश्यकता है। इसके लिए कवायद की जा रही है। इस बार बाढ़ ज्यादा आने से नदी का फाट भी बढ़ गया है। जल्द ही स्लीपर उपलब्ध कराए जाएंगे।
विज्ञापन

प्रदीप भारद्वाज, सहायक अभियंता
निर्माण खंड 1, लोक निर्माण विभाग
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें