जयगुरुदेव के शिष्य उमाकांत पहुंचे धौरहरा
रामवाटिका में आयोजित एक दिवसीय कार्यक्रम में पहुंचे बाबा जयगुरुदेव के शिष्य संत उमाकांत महाराज का जोरदार स्वागत किया गया। राम वाटिका में हजारों श्रद्धालुओं के बीच प्रवचन करते हुए उन्होंने कहा कि मनुष्य का जन्म हमें भगवान की पूजा करने के लिए मिला है। इसलिए हमें चोरी, डकैती, अपहरण, बलात्कार, झूठ, रिश्वतखोरी, हिंसा, हत्या, जैसे पापों से हमे दूर रहना चाहिए।
उन्होंने कहा कि कर्मों के अनुसार हम सबको यहीं पर सजा भी भोगनी पड़ेगी। उमाकांत ने लोगों को उपदेश देते हुए कहा कि जल, अग्नि, वायु, आकाश, पृथ्वी पांचो देवता नाराज हैं। इससे जगह-जगह आग लग रही हैं, कहीं सूखा, कहीं बाढ़, तो कहीं ओलावृष्टि अचानक दिखाई पड़ रही है। उमाकांत महराज ने कार्यक्रम में पहुंचे सभी भक्तों से अपील की कि आप लोग शाकाहारी भोजन ग्रहण करें और शराब के नशे से दूर रहें।
कार्यक्रम के दौरान उमाकांत ने मांग की कि गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित किया जाए और गोहत्या करने वालों के खिलाफ फांसी की सजा सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम का आयोजन बाबा जय गुरुदेव धर्म विकास संस्था की तरफ से किया गया।
इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष सत्यदेव पाठक, सुरेंद्र सिंह, कैलाश शर्मा, देवेंद्र पाठक, बागेश्वर त्रिवेदी, अमरनाथ यादव, जिलाध्यक्ष मंगूलाल, देशराज, अमृत लाल चौहान, दयावती चौरसिया, सीमा गुप्ता, राहुल शुक्ला, रामसागर गुप्ता, संतराम वर्मा सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन जिला प्रवक्ता रमेश चन्द्र शुक्ला ने किया।