बिजुआ। बेलहा सिकटिहा में शारदा नदी की लहरें मकानों की नींव से टकरा रही हैं। जलस्तर बढ़ने से कटान थोड़ा धीमा हुआ है, लेकिन पानी गांव के अंदर घुसने लगा है। ग्रामीणों ने कटान रोकने की गुहार लगाई है।
ग्राम प्रधान नैपालीराम ने बताया कि बाढ़खंड के लोग आए थे, अपनी मनमर्जी का काम करने की तैयारी कर रहे थे। जबकि उन्हें ग्राम वासियों की राय लेकर बचाव कार्य चालू करना चाहिए था। इसका ग्रामीणों ने विरोध किया तो लाई हुई सामग्री भी वापस लेकर चले गए। अब ग्रामीणों को नदी से कटान का डर सत्ता रहा है। प्रशासन ने सिर्फ बाढ़ राहत किटें बांटकर काम खत्म कर दिया है।
ग्रामीणों की रातें जागते हुए और दिन सामान ढोते हुए कट रहे हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने की गुहार लगाई है। नायब तहसीलदार सर्वेश कुमार ने बताया कि अभी जलस्तर बढ़ने से कटान रुक गया है। जब पानी घटेगा, तब वे बाढ़ खंड के लोगों तथा पुलिस को साथ लेकर मौके पर जाएंगे। कटान रोकने के लिए हर संभव प्रयास किया जाएगा।
खड़ंजा मार्ग तक पहुंचा नदी का पानी, रास्ता बंद होने बढ़ेंगी दिक्कतें
फूलबेहड़। शनिवार को शारदा नदी का जलस्तर और बढ़ गया। जिससे कटान के तेवर कुछ हल्के हो गए। शंकरपुरवा से बेचनपुरवा जाने वाले खडंजा मार्ग के किनारे तक नदी कटान करती हुई पहुंच गई है। मार्ग नदी से मात्र चार मीटर दूर रह गया है। अगर ये मार्ग कटा तो बेचनपुरवा गांव वालों के लिए मुश्किल खड़ी हो जाएगी। आने-जाने का यही रास्ता है। रास्ता बंद होने के डर से बेचनपुरवा गांव के बाशिंदे अपना मकान छोड़ने लगे हैं। ग्राम प्रधान प्रीतम यादव ने बताया कि पानी बढ़ने से कटान कम हो गया है। नदी शंकरपुरवा गांव की तरफ शुक्रवार रात से शनिवार सुबह तक गांव की तरफ और बढ़ गई है। कटान शुरू होने से चिखुरीपुरवा, नयनपुरवा के ग्रामीणों की भी धड़कनें बढ़ गई हैं। संवाद
तटबंध के अंदर बसे गांव पानी से फिर घिरने लगे
शारदा का जलस्तर बढ़ने से तटबंध के अंदर बसे गांव पानी से एक बार फिर घिर गए हैं। रास्ते जलमग्न हो गए हैं। मिलपुरवा गूम मार्ग पर करीब दो फुट पानी चल रहा है। पशुओं के लिए चारे का संकट खड़ा हो गया है। निचले इलाके के खगईपुरवा, मेहंदी बहालीपुरवा, खाम्भी, लंगड़ीपुर, मंगलीपुरवा, खमरिया, बड़ागांव, बसहा सहित तमाम गांवों में पानी भरने लगा है।
घर के किनारे बह रही शारदानदी।संवाद