मोहम्मदी क्षेत्र के गांव शाहपुर राजा के बाहर खेतों के पास पिंजरा लगाते वनकर्मी स्रोत : वन वि
मोहम्मदी। बाघ के हमले के बाद शाहपुर राजा गांव में इस कदर दहशत है कि ग्रामीणों ने आवागमन का रास्ता बदल दिया है। किसान खेतों में जाने से बच रहे हैं। पशुओं के चारे-पानी की दिक्कत हो रही है। उधर, वन विभाग ने नासिया घाट के पास खेतों में पिंजरा लगाया है।
मंगलवार की दोपहर को शाहपुर राजा निवासी 50 वर्षीय प्रभु दयाल की बाघ के हमले में मौत हो गई थी। बाघ उसे करीब 350 मीटर दूर तक खींच ले गया था। गुस्साए परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर दिया और छह घंटे से अधिक समय तक शव घटनास्थल के पास ही रखे रहे। काफी मान-मनौव्वल के बाद परिजन माने।
बुधवार को प्रभुदयाल के शव का अंतिम संस्कार गोला मार्ग पर गोमती नदी किनारे मुक्ति धाम पर किया गया। गांव में बाघ की दहशत इस कदर है कि ग्रामीणों ने खेत पर आना-जाना कम कर दिया है। आवागमन के रास्ते भी बदल दिए हैं।
लोग बैनी होकर राजापुर सड़क से निकल रहे हैं। वन विभाग की टीम ने घटनास्थल के पास पिंजरा लगाया है। इस समय धान की कटाई हो रही है। गन्ना की देखभाल भी जरूरी है। बाघ की चहलकदमी से खेती-किसानी प्रभावित है।