लीड14 एलकेएच 17 पूरे गांव की बिजली काटने पर ग्रामीणों ने लगाया जाममंगलवार की रात दो घंटे बाधित रहा लखीमपुर-पलिया मार्ग पर यातायात- अब तक नहीं निकला है मामले का हल, अधिकांश ग्रामीणों के जमा हैं बिजली बिलसंवाद न्यूज एजेंसीबिजुआ। इससे आवागमन बाधित रहा।अंबारा क्षेत्र के लाइनमैन जयचंद ने बताया कि जेई बिजुआ रविशंकर कुमार और एसडीओ पलिया सूर्यकुमार के निर्देश पर अपनी टीम लेकर मंगलवार को अंबारा गया था। वहां लोगों से बिजली का बकाया बिल भुगतान करने के लिए कहा।
मंगलवार की रात दो घंटे बाधित रहा लखीमपुर-पलिया मार्ग पर यातायात
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अब तक नहीं निकला है मामले का हल, अधिकांश ग्रामीणों के जमा हैं बिजली बिल
बिजुआ। कस्बा क्षेत्र में लाइनमैन ने पूरे अंबारा गांव की बिजली काट दी। गुस्साए ग्रामीणों ने रात में पहले बिजुआ विद्युत उपकेंद्र का घेराव किया। किसी जिम्मेदार अधिकारी के मौके पर न मिलने से उनका गुस्सा और भड़क उठा। इसके बाद रात में ही लखीमपुर-पलिया रोड जाम कर दिया। रात में पुलिस ने किसी तरह समझाकर जाम खुलवाया। यह जाम करीब दो घंटे तक चला। इससे आवागमन बाधित रहा।
अंबारा क्षेत्र के लाइनमैन जयचंद ने बताया कि जेई बिजुआ रविशंकर कुमार और एसडीओ पलिया सूर्यकुमार के निर्देश पर अपनी टीम लेकर मंगलवार को अंबारा गया था। वहां लोगों से बिजली का बकाया बिल भुगतान करने के लिए कहा। भुगतान न होने की स्थिति में बिजली कनेक्शन काटने का आदेश गांव के लोगों को बताया। इतना सुनते ही गांव के कुछ लोग लाठी-डंडे, भाला आदि लेकर जान से मारने के लिए दौड़ पड़े। हम पूरे गांव का कनेक्शन काटकर अपनी जान बचाकर भाग आए और उच्चाधिकारियों को घटना से अवगत कराया।
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उधर, बिजली न मिलने से परेशान 10-15 गांव वाले रात आठ बजे बिजुआ विद्युत उपकेंद्र पर आ गए। वहां पर मौजूद स्टाफ से जेई रवि शंकर कुमार को बुलाने के लिए कहा। जेई उस समय विद्युत उपकेंद्र पर मौजूद नहीं थे, इसलिए वहां पर मौजूद कर्मचारियों ने इन लोगों से सुबह आकर वार्ता करने के लिए कहा। इससे उत्तेजित होकर गांव वालों ने लखीमपुर-पलिया हाईवे पर जाम लगा दिया। करीब दो घंटे तक जाम चला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जाम कर रहे लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
लोगों का कहना था कि जिन लोगों के बिजली बिल नहीं जमा हैं उनके कनेक्शन काटना तो जायज है, लेकिन पूरे गांव की बिजली काटने से उन लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव जंगल के किनारे बसे हुए हैं। जहां जंगली जानवरों का हर समय खतरा बना रहता है। बरसात का समय होने के कारण जहरीले कीड़े-मकोड़े भी निकलते रहते हैं।