बिजुआ। बस्तौला में मंदिर के पुजारी बाबा महेशदास की मौत होने के मामले मुख्य आरोपी के अलावा दो लोगों की नामजदगी पर ग्रामीणों ने विरोध किया है। ग्रामीणों ने दोनों लोगों को निर्दोष फंसाने की बात कही है। सोमवार को बस्तौली तथा अन्य गांवों के लगभग ढाई दर्जन लोगों ने पुलिस अधीक्षक को हस्ताक्षर युक्त पत्र देते हुए निष्पक्ष जांच कराकर निर्दोषों के नाम एफआईआर से निकालने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि लवकुश सिंह व गजेशसिंह निवासी जंगलीनाथ की पुजारी की मौत के मामले में कोई भूमिका नहीं है। इन दोनों लोगों का पुजारी से कभी कोई विवाद नहीं हुआ था। मामले में बस्तौली तथा अन्य गांवों के लोग मंगलवार को एसपी से मिलकर पक्ष रखेंगे। भीरा एस ओ इंद्रजीत सिंह ने बताया कि बस्तौला मंदिर के पुजारी वाले मामले में जांच चल रही है। किसी निर्दोष को नहीं फंसाया जाएगा और दोषी को छोड़ा नहीं जाएगा, अभी इस मामले में कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है। संवाद