लखीमपुर। छात्रों के बीच हुए झगड़े का बदला लेने में छात्र को स्कूल में घुसकर पीटने और मौत के घाट उतारने के मामले में जिला जज लक्ष्मीकांत शुक्ला ने सोमवार को फैसला सुनाया है। अदालत ने हत्यारोपी को गैर इरादतन मृत्यु के मामले में दोषी मानते सात साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है, साथ ही आरोपी पर एक हजार रुपए का जुर्माना लगाया है।
जिला शासकीय अधिवक्ता अरविंद त्रिपाठी के अनुसार मोहम्मदी थाना क्षेत्र के ग्राम अमीरनगर में कक्षा छह में पढ़ाई कर रहे किशोर फरमान पुत्र शाहनूर का स्कूल में ही पढ़ रहे दो छात्रों से अमरूद खाने को लेकर विवाद हो गया था। इसके बाद दूसरे पक्ष के नईम ने अपने छोटे भाई और उसके दोस्तों की मदद से 27 जनवरी 2020 को दिन में 10:30 बजे उच्च प्राथमिक विद्यालय अमीर नगर में घुसकर फरमान पर धावा बोल दिया था। तीनों हमलावरों ने लात घूसों से बुरी तरह पिटाई करते हुए फरमान को मौत के घाट उतार दिया था।
उसके चचेरे भाई तौहीद ने बचाने की कोशिश की तो उसके साथ भी मारपीट की गई। तौहीद ने बचाने के लिए मोबाइल पर फरमान के घरवालों को खबर दी तो फरमान के घर वाले अपने बच्चे को बचाने के लिए स्कूल दौड़ आए थे, लेकिन तब तक फरमान की सांसें थम चुकीं थीं। मोहम्मदी पुलिस ने तीनों हमलावरों के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। नईम को छोड़कर दोनों आरोपी नाबालिग होने के कारण उनके खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड में फाइल भेजी गई थी, लेकिन नईम के खिलाफ हत्या का मामला जिला जज की अदालत में चल रहा था।
सोमवार को अदालत ने फैसला सुनाते हुए इसे हत्या का स्पष्ट मामला नहीं पाया, बल्कि गवाह शहनूर, तौहीद, साबिर वसीम डॉ. मोहमद फैजान और संजय त्यागी की गवाही के आधार पर इसे गैर इरादतन हत्या का मामला पाया। इसमें आरोपी नईम को सात वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।