झोलाछाप क्लीनिक बंद कर हुआ फरार, पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मैगलगंज। मैगलगंज थाना क्षेत्र के गांव छत्तापुर में झोलाछाप के इलाज से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मरीज की मौत के बाद छोलाछाप क्लीनिक बंद कर भाग गया। आक्रोशित परिजन ने चिकित्सक पर गलत इलाज करने का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी है। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।
मैगलगंज कोतवाली क्षेत्र के छत्तापुर गांव निवासी 45 वर्षीय राजकुमार उर्फ कल्लू के पेट में दर्द और बुखार की शिकायत होने पर परिवार के लोग उसे इलाज के लिए बुधवार दोपहर बघौवा गांव स्थित प्राइवेट क्लीनिक पर लेकर गए थे। परिजन के मुताबिक, झोलाछाप ने मरीज को ग्लूकोज और कुछ इंजेक्शन लगाए। इसके बाद उसकी हालत बिगड़ गई। हालत बिगड़ते देख झोलाछाप ने उसे मितौली सीएचसी ले जाने की सलाह देते हुए एंबुलेंस बुला ली।
बताते हैं कि एंबुलेंस पर मौजूद स्टाफ ने उसे यह कहकर ले जाने से मना कर दिया कि मरीज की मौत हो चुकी है। इसी बीच झोलाछाप क्लीनिक बंद करकेे भाग गया। मरीज की मौत के बाद परिवार के लोगों ने जमकर हंगामा काटते हुए झोलाछाप के विरुद्ध गलत इलाज के कारण मौत होने का आरोप लगाया। हंगामे की सूचना पाकर प्रभारी निरीक्षक अनिल कुमार मौके पर पहुंचे।
इंस्पेक्टर ने परिवार वालों को झोलाछाप के विरुद्ध कार्रवाई करने का आश्वासन दिया, तब परिजन शांत हुए। पुलिस ने मौत का कारण जानने के लिए शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया।
सीएमओ के निर्देश पर 29 अस्पताल किए गए सील
लखीमपुर खीरी। जिले में पान की दुकानों की तरह गली-कूचों में अस्पताल और नर्सिंग होम खुल गए हैं। न तो इनमें डिग्री धारक डॉक्टर हैं और न ही प्रशिक्षित स्टाफ। सीएमओ के निर्देश पर ऐसे 29 अस्पताल सील किए गए हैं।
इन अस्पतालों को किया गया है सील
1. गोला के सुपर हॉस्पिटल, न्यू वरदान हॉस्पिटल
2. मोहम्मदी के फैमली हॉस्पिटल, मेट्रो हॉस्पिटल, न्यू संजीवनी हॉस्पिटल, रेखा निदान हॉस्पिटल, परी क्लीनिक, डॉ. वेग चैरिटेबिल हॉस्पिटल, सिटी डायग्नोस्टिक सेंटर, सहारा हॉस्पिटल, तुलसी हॉस्पिटल।
3. लखीमपुर के शिवमाया हॉस्पिटल, शौर्य हॉस्पिटल।
4. फरधान के लक्ष्मी पॉली क्लीनिक, न्यू लाइफ हॉस्पिटल।
5. रमियाबेहड़ के श्रृद्घा नर्सिंग होम, मेघा क्लीनिक, डीआरएम पैथालॉजी।
6. पसगवां के महिला क्लीनिक, नव ज्योति हॉस्पिटल एंड मेटरनिटी सेंटर, आईएमसी हेल्थ केयर।
7. निघासन के न्यू इंडियन हॉस्पिटल, अप्पू पाली क्लीनिक।
8. मितौली के कलंदर हॉस्पिटल, राज हॉस्पिटल, श्रीमन नारायण हॉस्पिटल, डॉ. बंगाली हॉस्पिटल, डॉ. ओम प्रकाश क्लीनिक।
9. खमरिया का देवकी हॉस्पिटल।
बिना पंजीकरण चल रहे अस्पतालों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। पंजीकरण प्रपत्र न दिखा पाने पर अस्पतालों को सील किया जा रहा है। अवैध अस्पतालों को बंद कराने की जिम्मेदारी सीएचसी अधीक्षक को दी गई है। निरीक्षण के बाद भी यदि कोई अस्पताल चलता मिला तो इसके जिम्मेदार अधीक्षक होंगे।
- डॉ. शैलेंद्र भटनागर, सीएमओ