ग्रामीणों में इसको लेकर नाराजगी भी है। घटना की जानकारी लेने और स्थिति का जायजा लेने के लिए तहसीलदार गोला अरुण कुमार और तहसीलदार मोहम्मदी गरिमा वर्मा गांव पहुंचे। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों से जानकारी ली।
प्रशासन ने मौके पर भेजे अधिकारी
हादसे की जानकारी मिलते ही तहसीलदार गरिमा वर्मा गांव पहुंचीं और मृतकों के परिजन से बातचीत की। उन्होंने प्रशासन की ओर से हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि बेला गांव के सुखदेव, रजनीश, उपदेश, अमर सिंह और भूरे की मौत हुई है। तहसीलदार रामबालक और लेखपाल विजय सिंह को मदद के लिए ग्वालियर भेजा गया है।
पिता की मौत के साथ हादसे में पुत्र भी घायल
भीषण सड़क हादसे में पसगवां थाना क्षेत्र के ग्राम किशुनपुर अजीत निवासी गुड्डू (45) पुत्र प्रह्लाद की मौत हो गई। वहीं गुड्डू के पुत्र रंजीत चोट लगने से घायल हो गए। गुड्डू की पत्नी के अलावा तीन पुत्र और तीन पुत्रियां हैं। नायब तहसीलदार सिद्धार्थ श्रीवास्तव राजस्व टीम के साथ पीड़ित परिवार से मिले और पारिवारिक जानकारी हासिल की।
हादसे में दो सगे भाई भी शामिल
बेला में सड़क हादसे में सुखदेव और रजनीश सगे भाइयों में मौत के बाद घर में कोहराम मचा है। दोनों भाई अलग-अलग मकान में रहते थे। आपस में मेलजोल कर चलते थे। सुखदेव की पत्नी सुनीता ने बताया कि सोमवार की शाम बातचीत हुई थी तो सुखदेव ने बताया कि वाहन पर बैठने जा रहे हैं। वहीं, रजनीश के पांच बच्चे हैं। पत्नी ज्ञानवती ने बताया कि रजनीश से बातचीत हुई थी तो सब ठीक-ठाक था, घर आने की तैयारी में थे।
रिश्तेदारी में आया युवक भी हादसे का शिकार
हरना नारायणपुर निवासी सुभाष (30) की ससुराल बेला गांव में थी। उसकी शादी दयाराम की पुत्री बेदवती से हुई थी। वह भी बेला के लोगों के साथ मजदूरी करने ग्वालियर गया था। हादसे में उनकी भी मौत हो गई।