रामलीला में विभीषण की शरणागति का मंचन करते कलाकार। संवाद
पसगवां। जंगबहादुरगंज में हो रही रामलीला में कलाकारों ने विभीषण शरणागति का मंचन किया। यह लीला देख दर्शक भावविभोर हो गए।
रामलीला में कलाकारों ने दिखाया कि विभीषण के बार-बार समझाने के बाद भी रावण ने सीता को राम के पास नहीं लौटाया। रावण धर्म का पालन नहीं करता था। विभीषण ने रावण से कहा कि उसका अहंकार और क्रोध उसके विनाश का कारण बनेगा। वह विभीषण को अपमानित और तिरस्कृत करता था। एक दिन रावण ने विभीषण को लात मारकर दरबार से बाहर निकाल दिया। विभीषण ने सत्य के प्रति निष्ठा के कारण परिवार के बजाय धर्म को चुना। विभीषण ने कहा कि उसका मन हमेशा धर्ममय रहता है। इसके पश्चात भगवान राम के पास शरण मांगने पहुंचा। भगवान राम ने विचार विमर्श के बाद उन्हें शरण देने का निश्चय किया। इसके पश्चात भगवान राम ने विभीषण को लंका का भावी राजा मानकर राज्याभिषेक कर दिया।