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Lakhimpur Kheri News: वंदे मातरम राष्ट्र की आत्मा और कर्तव्यों की अभिव्यक्ति

Fri, 07 Nov 2025 11:35 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
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मंझरा में राष्ट्रीय गीत गाते एसएसबी जवान। स्रोत: एसएसबी
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लखीमपुर खीरी। राष्ट्रगीत वंदे मातरम गीत के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में शुक्रवार को विकास भवन सभागार में भव्य आयोजन हुआ। प्रदेश स्तरीय समारोह का सीधा प्रसारण देखा और सुना गया।
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विधायक योगेश वर्मा ने कहा कि वंदे मातरम सिर्फ एक गीत नहीं, बल्कि राष्ट्र की आत्मा और कर्तव्यों की अभिव्यक्ति है। आजादी के आंदोलन में इस गीत ने देश को एक सूत्र में पिरोने का काम किया। भाजपा जिलाध्यक्ष सुनील सिंह ने कहा कि वंदे मातरम हमारे दिलों में राष्ट्र प्रथम की भावना को जगाता है।
पीडी एसएन चौरसिया ने बताया कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय ने 1875 में रचित इस गीत ने भारतीय स्वतंत्रता संग्राम को ऊर्जा दी। इधर, कार्यक्रम में प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के लाइव उद्बोधन को सुना। राष्ट्रगीत गाने वाली छात्राओं को पुरस्कृत किया गया। इस मौके पर प्रशिक्षु आईएएस मनीषा धार्वे, डीडीओ गजेंद्र प्रताप सिंह, डीपीआरओ विशाल सिंह, सीवीओ डॉ. दिनेश सचान, जिला समाज कल्याण अधिकारी वंदना सिंह, बीएसए प्रवीण तिवारी, डीपीओ भारत प्रसाद, पर्यटन सूचना अधिकारी संजय भंडारी आदि अफसर मौजूद रहे।
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एसएसबी परिसर में भी आयोजन



महेवागंज। वंदे मातरम् की 150 वीं वर्षगांठ पर 70 वीं वाहिनी एसएसबी परिसर देशभक्ति से ओतप्रोत रहा। द्वितीय कमान अधिकारी मुकेश गौतम की अगुवाई में बल कर्मियों ने राष्ट्रगीत “वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया। उन्होंने राष्ट्रगीत के ऐतिहासिक महत्व, रचना की पृष्ठभूमि और स्वतंत्रता आंदोलन में इसके योगदान के बारे में विस्तृत जानकारी दी। संवाद

डिग्री कॉलेज में हुआ वंदेमातरम गायन कार्यक्रम

पलियाकलां। राजकीय महाविद्यालय में शुक्रवार को कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें महाविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों ने वंदेमातरम का गायन किया गया। महाविद्यालय के प्राचार्य डाॅ. सूर्यप्रकाश शुक्ल ने विद्यार्थियों को वंदेमातरम गीत की रचना एवं उससे संबंधित जानकारियां दीं। बताया गया कि किस प्रकार यह गीत भारत की संस्कृति की पहचान और विरासत है। इस अवसर पर छात्र/छात्राओं के मध्य भाषण, कविता, गीत गायन आदि प्रतियोगिताएं भी आयोजित की गईं। संवाद

मंझरा में राष्ट्रीय गीत गाते एसएसबी जवान। स्रोत: एसएसबी

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