अधिवक्ताओं की हड़ताल के तहत शुक्रवार को जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्यों से विरत रहे। अधिवक्ता कल्याण की योजनाएं लागू न किए जाने और अधिवक्ता और उनके परिवारीजनों पर हमले के आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उन्हें सरंक्षण देने के सरकारी रवैये के खिलाफ वकीलों ने विरोध दिवस मनाया और न्यायिक कार्य नहीं किया।
अधिवक्ता संघ उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष और यूपी बार कौंसिल के पूर्व अध्यक्ष अजय कुमार शुक्ल ने कहा कि सरकारी रवैये के कारण पिछले एक जनवरी के बाद से दिवंगत अधिवक्ताओं के परिवारीजनों को समाजवादी पार्टी के घोषणापत्र के अनुसार पांच लाख रुपये मिलने के बजाय पहले से मिल रहे 50 हजार रुपये मिलना भी बंद हो गया है। शासन में बैठे अधिकारी एक तरफ रैकेट बनाकर यादव सिंह जैसे भ्रष्ट कर्मियों के माध्यम से प्रदेश की जनता की गाढ़ी कमाई लूट रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रदेश व्यापी हड़ताल के तहत लखीमपुर समेत पूरे प्रदेश के अधिवक्ताओं ने विरोध दिवस मनाया और न्यायिक कार्यों से विरत रहे। इससे वादकारियों को परेशानी उठानी पड़ी।