लखीमपुर खीरी। दिवाली को लेकर बाजारों में ग्राहकों की भीड़ बढ़ने लगी है। हर कोई तैयारी जल्द से जल्द पूरी करने में जुटा है। धनतेरस पर सबसे ज्यादा बर्तनों की बिक्री होती है, ऐसे में शहर की खपरैल बाजार से लेकर मुख्य मार्गों पर बर्तनों की दुकानें सजने लगी हैं। दुकानदारों का कहना है कि धनतेरस पर पर्याप्त स्टॉक है, ग्राहक भी पहुंचने लगे हैं।
धनतेरस को लेकर बर्तन बाजार में ग्राहकों की भीड़ पहुंचने लगी है। दुकानदारों का अनुमान है कि इस बार त्योहार पर अच्छी खासी आमदनी होगी। बाजार में स्टील और तांबे के अलावा पीतल के दामों में पिछले साल के मुकाबले इस बार अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई है। बिक्री के लिए अधिकांश कारोबारियों ने बर्तनों का पर्याप्त स्टॉक मंगवाया हुआ है, ताकि धनतेरस पर वह ग्राहकों को मनपसंद बर्तन उपलब्ध करा सकें।
व्यापारियों के मुताबिक, बाजार में पारंपरिक एल्युमिनियम, फुल व स्टील के बर्तनों का चलन पहले की तुलना में कम हुआ है। बर्तन व्यापारी दीपक ने बताया कि धनतेरस पर लोग डिनर सेट भी काफी संख्या में पसंद कर रहे हैं। इस बार स्टील की कीमत 250 रुपये से लेकर 300 रुपये प्रतिकिलो तक है, वहीं पीतल में दामों में सौ रुपये तक की बढ़ोतरी हुई है। इस बार पीतल के बर्तन 700 से लेकर आठ सौ रुपये प्रतिकिलो तक में बिक रहे हैं। वहीं तांबा भी एक हजार रुपये प्रतिकिलो तक में बिक रहा है।
संसारपुर। दीपावली का पर्व आते ही बाजार में कैलेंडर, मूर्तियां, मालाएं, वस्त्र आदि की दुकानें सज गई हैं, लेकिन अभी ग्राहकों की संख्या कम है। व्यापारी सारांश और अंकित ने बताया कि महंगाई के कारण अधिकतर सामानों पर मूल्य वृद्धि हो गई है। ग्राहक पिछले वर्षों की तुलना में मूल्य पूछकर कम मात्रा में सामान खरीद रहे हैं। संवाद
ग्राहकों को लुभाने के लिए कई दुकानदार दे रहे उपहार
दुकान पर भीड़ उमड़े और ज्यादा बिक्री हो इसको लेकर इस बार कई दुकानदारों ने सीमित खरीद पर उपहार देने की घोषणा की है। कोई एक वस्तु की खरीद पर एक आइटम फ्री दे रहा है तो कोई निश्चित खरीद पर विशेष उपहार देने की बात कह रहा है। दुकानदारों के लुभावने ऑफर से लोग उनकी दुकानों की ओर खिंचे जा रहे हैं।
बर्तनों की अनुमानित कीमत
बर्तन-स्टील-पीतल-तांबा
चम्मच-20-80-100 रुपये तक
प्लेट छोटी-60-150-200 रुपये तक
थाली-120-260-350 रुपये तक
कटोरी- 40-65-100 रुपये तक
लोटा पीतल का कीमत 150 रुपये से शुरू
तांबे का लोटा- 250 से लेकर 2000 तक में