फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: कठपुतलियाें की मदद से बताएंगे मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के उपाय

Tue, 07 Oct 2025 11:15 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, लखीमपुर खीरी
विज्ञापन
तैयार की गई कठपुतली। स्रोत : स्वयं
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। मानव-वन्यजीव संघर्ष जैसे ज्वलंत मुद्दों पर जनजागरूकता फैलाने के लिए रंग-बिरंगी कठपुतलियों को तैयार किया जा रहा है। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में शिक्षक कठपुतली निर्माण से लेकर उनके मंचन तक का प्रशिक्षण ले रहे हैं। डायट के प्रवक्ता अतुल कुमार मिश्रा ने बताया कि कठपुतली संचार का बहुत ही प्रभावशाली माध्यम है और वैज्ञानिक विषयों को भी रोचक ढंग से लोगों के बीच आसानी से पहुंचा जा सकता है।
विज्ञापन

पुतुल विशेषज्ञ श्रीनारायण श्रीवास्तव ने अखबारी कागज की रद्दी से रंग बिरंगी कठपुतलियां बनाने के तरीके बताए। उन्होंने बताया कि बहुत ही कम खर्चे में आसानी से कठपुतलियों को तैयार किया जा सकता है। इसके अलाव कठपुतली नाटक तैयार करने के लिए शिक्षकों ने अपनी स्क्रिप्ट भी तैयार की। तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों ने मानव वन्य जीव संघर्ष को रोकने के उपायों पर चर्चा की।
उत्तराखंड के सरदार भगत सिंह राजकीय महाविद्यालय की सहायक प्रोफेसर डॉ. अर्चना ने कहा कि वन्यजीवों से छेड़छाड़ न की जाए तो वह आक्रामक नहीं होते। उन्होंने कहा कि बंदरों को भी खाद्य सामग्री देने से बचना चाहिए। सर्वेयर विपिन प्रकाश सिंह ने बताया कि वन्य जीव बहुत ही संवेदनशील होते हैं और यह अपने आप मनुष्य के ऊपर हमला नहीं करते हैं।
विज्ञापन

उन्होंने वन्यजीवों की आक्रामकता के पीछे मनुष्यों की जंगलों में घुसपैठ को जिम्मेदार बताया। उन्होंने कहा कि आज के समय में जंगल क्षेत्र में कारखाने तक लग गए हैं और उनके शोर से वन्य जीवों का व्यवहार आक्रामक हो रहा है। नई दिल्ली से आए सीएसआईआर - एचआरडीसी के पूर्व कंट्रोलर डॉ. तारिक बदर ने राष्ट्रीय विज्ञान प्रयोगशालाओं पर प्रस्तुति दी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें