बिजुआ (लखीमपुर खीरी)। बस्तौली गांव के पुजारी बाबा महेशदास की उपचार के दौरान शनिवार को मौत होने के बाद रविवार दोपहर को ग्रामीणों ने जबरदस्त हंगामा किया। ग्रामीणों संग आक्रोशित परिजन शव रखकर सड़क जाम करने के लिए बढ़े तो पुलिस ने घेराबंदी कर शव छीनने की कोशिश की। इस दौरान सीओ से ग्रामीणों की तीखी नोकझोंक हुई। करीब चार घंटे तक हंगामा चला।
बाबा महेशदास गांव के राधाकृष्ण मंदिर परिसर में संदिग्ध हालात में बेहोश मिले थे। छह दिन पहले धारदार हथियार से हमला कर उन्हें घायल कर दिया गया था। आरोप है कि उन्हीं हमलावरों ने बाबा को जबरन विषाक्त पदार्थ खिला दिया जिससे मौत हो गई। ग्रामीणों ने बिजुआ चौकी प्रभारी और थाना प्रभारी को निलंबित करने और हमले के आरोपियों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग की।
छह दिन पहले बस्तौली के ही रहने वाले आरोपी भोला सिंह ने साथियों के साथ किसी बात पर राधाकृष्ण मंदिर के पुजारी बाबा महेशदास को धारदार हथियार से हमला कर घायल कर दिया था। अपमानित भी किया था। घायल पुजारी ने बिजुआ सीएचसी में इलाज कराया। उनका घायल अवस्था का वीडियो भी प्रसारित हुआ जिसमें बाबा खून से लथपथ दिख रहे हैं। हाथ पर गहरा जख्म था। उन्होंने बिजुआ चौकी और भीरा थाने में आरोपियों के विरुद्ध तहरीर दी, इस पर पुलिस ने आरोपी भोला सिंह के विरुद्ध सिर्फ शांतिभंग के आरोप में कार्रवाई की।
वहीं, शनिवार को बाबा मंदिर परिसर में बेहोशी की हालत में मिले थे। बिजुआ सीएचसी ले गए, तब मालूम हुआ कि विषाक्त पदार्थ के सेवन से ऐसी हालत हुई। जिला अस्पताल में देर शाम मौत हो गई। रविवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम रिपोर्ट आई। बाबा की मौत जहरीले पदार्थ से होने की बात सामने आई है। बिसरा सुरक्षित कर दिया गया है। दोपहर करीब डेढ़ बजे पोस्टमार्टम के बाद पुजारी महेशदास का शव मंदिर परिसर पहुंचा तो लोगों ने कई घंटे तक हंगामा किया। निष्पक्ष जांच के साथ तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। एएसपी नैपाल सिंह, गोला सीओ अजेंद्र यादव, तहसीलदार गोला सुखबीर सिंह ने लोगों को समझाया। इसके बाद ग्रामीण बाबा के अंतिम संस्कार के लिए माने। हंगामे के दौरान छह थानों की पुलिस मौजूद रही।
मुख्य आरोपी हुआ गिरफ्तार, तब किया अंतिम संस्कार
ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज की। जिसमें भोला सिंह पुत्र सूबेदार सिंह, लवकुश सिंह पुत्र दिलीप सिंह, गजेश सिंह पुत्र सियाराम सिंह निवासी निवासी जंगलीनाथ, थाना भीरा और एक अज्ञात के विरुद्ध धारा 103, 123 में मामला दर्ज किया है। पुजारी को जबरदस्ती जहर खिलाने का आरोप है। मुख्य आरोपी भोला सिंह को गिरफ्तार कर हवालात में डाला। इसके बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार किया।
बाबा पर हमले के बाद पुलिस ने की मामूली कार्रवाई
बाबा महेशदास के दामाद शुभनेश ने बताया कि बाबा को लगी चोंटों पर 32 टांके थे। फिर भी पुलिस ने मामूली कार्रवाई कर आरोपी भोला सिंह का शांतिभंग में चालान किया। जमानत पर छूटने के बाद आरोपी ने पुजारी को धमकाना शुरू कर दिया, जिससे आहत होकर पुजारी ने मुख्यमंत्री से मिलकर अपनी पीड़ा बताने का विचार किया। यह बात आरोपियों को पता चल गई और उन्होंने पुजारी को जबरन विषाक्त पदार्थ पिला दिया। बाबा का अचेत शरीर जिस मंदिर में मिला है, उसमें वे नहाने से पहले कभी नहीं जाते थे। मंदिर से लगभग 20 कदम दूर विषाक्त पदार्थ की डिब्बी भी बरामद हुई है। जहां-जहां विषाक्त पदार्थ गिरा है, वहां पर घास जल गई है।
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पुजारी का गांव के एक युवक से किसी बात को लेकर मतभेद हो गया था। पुजारी की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। एएसपी मामले की जांच कर रहे हैं। घटना का सही खुलासा और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुलिस संदिग्ध लोगों से पूछताछ कर रही है।
गणेश प्रसाद साहा, एसपी