पूर्व प्रधान सोहनलाल ने बताया कि गांव में चकमार्ग पर अतिक्रमण को लेकर वह करीब दस वर्षों से अधिकारियों के चक्कर लगा रहे थे। हाल ही में संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायत कर पैमाइश कराने और अतिक्रमण हटवाने की मांग की थी। गुरुवार को हल्का लेखपाल ललित राजस्व टीम के साथ पैमाइश के लिए पहुंचे। उनका आरोप है कि उन्होंने पहले ही विवाद की आशंका जताते हुए पुलिस बल बुलाने की मांग की थी, लेकिन बिना पुलिस सुरक्षा के पैमाइश शुरू कर दी गई।
आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष के लोग लाठी-डंडे और धारदार हथियार लेकर पहुंच गए और गाली-गलौज के बाद हमला कर दिया। मारपीट में सोहनलाल, उनके पुत्र कैलाश समेत कई लोग घायल हो गए। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर लेखपाल और उनका मुंशी मौके से चले गए। सोहनलाल की तहरीर में रामखेलावन, प्रहलाद, विनीत, लालता प्रसाद, ओमप्रकाश, रामेश्वर, राकेश कुमार, मैकू, रामकुमार, नंदराम समेत अन्य लोगों पर लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।
दूसरे पक्ष के लालता ने पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया कि विपक्षी उनके घर के बीच से रास्ता निकालना चाहते थे। विरोध करने पर राजस्व टीम के सामने ही सोहन, राममूर्ति, सहजराम, रामकैलाश, पप्पू, केशवदयाल, श्रवण, सुनील, सोनू, सचिन, रामू, टनई सहित अन्य लोग लाठी-डंडे, धारदार हथियार और असलहों के साथ हमला करने लगे। इसमें वह स्वयं तथा ओमप्रकाश, अर्पित और रामेश्वर घायल हो गए।
सोहनलाल ने आरोप लगाया कि घायल अवस्था में थाने पहुंचने पर पुलिस ने तहरीर में केवल चार लोगों के नाम लिखने का दबाव बनाया। तहरीर बदलने से इनकार करने पर तत्काल कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का कहना है कि थाना प्रभारी से हुई बातचीत का ऑडियो सुरक्षित रखा गया है और इसकी शिकायत क्षेत्राधिकारी व पुलिस अधीक्षक से की गई है। हालांकि पुलिस ने इन आरोपों से इनकार किया है।