बटुको को दीक्षा देते आचार्य प्रमोद दीक्षित। संवाद
फरधान। देवकली तीर्थ स्थल स्थित श्रीमती चंद्रकला आश्रम/संस्कृत विद्यापीठ में सामूहिक उपनयन संस्कार महोत्सव का भव्य आयोजन शुक्रवार को किया गया। कार्यक्रम में 70 बटुक ब्रह्मचारियों का विधि-विधान से उपनयन संस्कार संपन्न हुआ।
महंत प्रमोद दीक्षित ने बताया कि आचार्य सुधीर मिश्र, आचार्य सत्यम मिश्र और आचार्य प्रमोद अवस्थी ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच उपनयन संस्कार संपन्न कराया। इस पावन अवसर पर पूरा विद्यापीठ परिसर वैदिक ऋचाओं से गूंज उठा। बटुक ब्रह्मचारियों ने यज्ञोपवीत धारण कर सांसारिक जीवन के साथ आध्यात्मिक जीवन की विधिवत शुरुआत की।
कार्यक्रम में विशेष रूप से पधारे तपोमूर्ति अंजनी शरण महाराज ने ब्रह्मचारियों को नवजीवन के शुभारंभ, संयमित जीवन शैली और ब्राह्मणों की अमूल्य धरोहर मानी जाने वाली गायत्री साधना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला।
अंत में महंत प्रमोद दीक्षित ने सभी बटुक ब्रह्मचारियों को गायत्री दीक्षा प्रदान की और जपमाला, आसन व संध्या वंदन सामग्री भेंट कर नियमित साधना करने का उपदेश दिया। इस अवसर पर ठाकुर प्रसाद गंगवार, असीम गुप्ता, रामजी पुरी, सुरेश गुप्ता, अनिल श्रीवास्तव, निर्दोष दीक्षित, सोबरन लाल दीक्षित, कुलदीप वर्मा, विनोद यादव, त्रिभुवन लाल दीक्षित उपस्थित रहे।