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यूपी बोर्ड : मेधावियों के हक में नहीं परीक्षा रद्द करने का निर्णय

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इंटरमीडिएट की परीक्षा निरस्त होने से कोई खुश तो किसी को सता रही भविष्य की चिंता
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लखीमपुर खीरी। सीबीएसई और आईसीएसई के बाद यूपी बोर्ड ने भी इंटरमीडिएट की बोर्ड परीक्षा निरस्त कर दी है। पहली बार हाईस्कूल के बाद इंटरमीडिएट की परीक्षा रद्द होने पर छात्र, अभिभावक और शिक्षकों की अलग-अलग राय है। उनका कहना है कि परीक्षा रद्द करने का फैसला मेधावी विद्यार्थियों के हक में नहीं है। हालांकि ज्यादातर छात्र-छात्राएं खुश भी हैं।
करीब साल भर बंद रहे स्कूलों के कारण विद्यार्थियों की पढ़ाई का नुकसान हुआ। जैैसे-तैसे ऑनलाइन पढ़ाई होती रही। छात्रों को उम्मीद थी कि बोर्ड परीक्षा होगी। मार्च के बाद कोरोना की दूसरी लहर शुरू हुई तो परीक्षा पर संशय के बादल मंडराने लगे। सभी बोर्डों ने हाईस्कूल की परीक्षा रद्दकर इंटरमीडिएट की परीक्षा जून, जुलाई में कराने का निर्णय लिया, मगर कोरोना की तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए सबसे पहले सीबीएसई और आईसीएसई ने 12वीं की परीक्षा भी निरस्त कर दी। बृहस्पतिवार को यूपी बोर्ड ने भी इंटरमीडिएट की परीक्षा निरस्त करने का आदेश जारी कर दिया।
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यूपी बोर्ड में परीक्षार्थी
हाईस्कूल- 49766
इंटरमीडिएट- 42263

सीबीएसई
10वीं के परीक्षार्थी- 3555
12वीं के परीक्षार्थी- 2329

कोरोना काल में छात्रों की सेहत को लेकर सरकार का निर्णय सही है। प्रोन्नति करने के लिए प्रीबोर्ड के नंबरों का आधार न लें, क्योंकि प्रीबोर्ड परीक्षा तैयारियों का आंकलन करने के लिए छात्र देते हैं, जिससे कमियों को दूर कर बोर्ड परीक्षा में अच्छे नंबर लाए जा सकें।
- प्रतिभा वर्मा, सनातन धर्म बालिका इंटर कॉलेज

जिन्होंने परीक्षा की तैयारी नहीं थी उनके लिए तो यह फैसला वरदान है। वैसे परीक्षा होने चाहिए थी, क्योंकि इससे हमारी काबलियत का आकलन होता है। परीक्षा में अच्छे नंबर आएं, इसके लिए साल भर तैयारी की। सब पर पानी फिर गया।
- प्रीतम सिंह, पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज

सरकार ने जो फैसला लिया है, कुछ सोच समझकर ही लिया होगा। परीक्षा होना ज्यादा उचित था, क्योंकि इसमें नंबर मिलते वह हमारी मेहनत के होते है। हमें हमारी तैयारी का आकलन होता। मगर, अब सब ठीक है।
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- विराग वर्मा, पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज

इंटर की परीक्षा रद्द करने का कदम उचित है, क्योंकि महामारी के दौर में बच्चों की सुरक्षा बेहद जरूरी है। प्रतिभावान बच्चे अपनी काबिलियत के दम पर हर परीक्षा उत्तीर्ण कर सकते हैं। यह तभी संभव होगा जब वह सुरक्षित होंगे।
- डॉ. योगेंद्र प्रताप सिंह, प्रधानाचार्य, पंडित दीनदयाल उपाध्याय इंटर कॉलेज
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