गोला गोकर्णनाथ। गन्ना विकास समिति में गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरने पर बैठे किसानों से बृहस्पतिवार शाम को बात करने पहुंचे बजाज चीनी मिल के यूनिट हेड ओमपाल सिंह को किसानों ने बंधक बना लिया। किसानों ने उन्हें काफी देर तक अपने साथ बैठाए रखा, बाद में वह भाग निकले।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष पटेल श्री कृष्ण वर्मा 30 जून से गन्ना भुगतान की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। बृहस्पतिवार को आत्मदाह करने की चेतावनी देने पर एसडीएम अखिलेश यादव और सीओ एसएन तिवारी ने समझा-बुझाकर धरनास्थल से बजाज चीनी मिल मालिक और गन्ना आयुक्त का पुतला हटवा दिया। शाम 5:30 बजे फैक्टरी मैनेजर के साथ धरनास्थल पर वार्ता करने पहुंचे बजाज चीनी मिल यूनिट हेड ओमपाल सिंह ने तत्काल एक करोड़ रुपये और अगले दिन डायवर्जन धन राशि का साढ़े सात करोड़ रुपये किसानों के खाते में डालने का आश्वासन दिया, लेकिन संगठन के जिलाध्यक्ष श्री कृष्ण वर्मा और उनके साथी पूरे भुगतान पर अड़े रहे।
इसमें असमर्थता जताने पर किसान नेताओं ने आधा भुगतान करने पर सहमत जताई, लेकिन यूनिट हेड उस पर भी राजी नहीं हुए। इसके बाद किसानों ने उन्हें धरना स्थल पर ही बंधक बनाकर अपने साथ बैठा लिया। देर शाम तक एसडीएम की मौजूदगी में धरनास्थल पर वार्ता जारी रही। इस दौरान गन्ना विकास समिति सचिव नंदलाल माथुर, वरिष्ठ गन्ना निरीक्षक आशुतोष मधुकर आदि मौजूद रहे ।
धरना स्थल से उठ कर भागे मिल अधिकारी
किसानों के साथ बैठे बजाज चीनी मिल यूनिट हेड ओमपाल सिंह और फैक्टरी मैनेजर आरके मिश्रा मौका पाकर धरनास्थल से भाग निकले। राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के जिलाध्यक्ष पटेल और उनके साथी उनके पीछे दौड़े, लेकिन चीनी मिल के सुरक्षा गार्डों ने स्टेट बैंक के पास वाला गेट बंद कर दिया। किसान गेट बंद कर अंदर घुस गए और धरने पर बैठ गए।
एक सप्ताह में 35 करोड़ डालने पर बनी सहमति
दिनभर चले वार्ता दौर के बाद एसडीएम अखिलेश यादव की मध्यस्था से चीनी मिल अधिकारियों ने किसानों के खाते में 35 करोड़ रुपये एक सप्ताह में डालने का आश्वासन दिया।