ग्रामीणों का आरोप है कि वहां इकट्ठा सैकड़ों लोगों को असाध्य रोग ठीक करने तथा आर्थिक मदद का प्रलोभन भी दिया जा रहा था। ग्रामीणों के मुताबिक, पिछले करीब सात महीनों से यहां ऐसे कार्यक्रम चल रहे थे। गांव के तीन-चार लोगों ने अपना धर्म बदल भी लिया। सूचना पर सीओ सुबोध जायसवाल, तहसीलदार भीमचंद पुलिस फोर्स के साथ वहां पहुंचे। इसके अलावा सूचना पाकर विहिप और बजरंग दल के राजकुमार गुप्ता, वरुण सिंह, आशीष जायसवाल, आदित्य मौर्य और दारा सिंह सिसौदिया आदि भी पहुंच गए। पुलिस और अफसरों को देखकर वहां मौजूद लोग इधर-उधर भागने लगे। कार्यक्रम को रुकवाकर पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में ले लिया। उनका शांतिभंग की आशंका में चालान किया गया है।
तहसीलदार भीमचंद ने बताया कि हम लोग पुलिस के साथ गांव गए थे। वहां दयाराम के दरवाजे पर बिना अनुमति भीड़ इकट्ठा करके धर्म प्रचार का कार्यक्रम किया जा रहा था। उसे रोककर आयोजकों निक्का और दयाराम को पुलिस ने हिरासत में लिया है। कोतवाल चंद्रभान यादव ने बताया कि कोई तहरीर नहीं मिली थी। इसलिए शांति भंग में चालान किया है।