लखीमपुर खीरी। मारपीट और कहासुनी के दौरान ग्रामीण की गर्दन में मफलर कसकर मौत के घाट उतारने के मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह ने दो दोषियों को 10-10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई। प्रत्येक पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि शहर से सटे सैधरी गांव के रहने वाले विजय कुमार उर्फ पलटू चालक थे, जो बृजलाल उर्फ टौरी का ट्रैक्टर चलाते थे। इसी ट्रैक्टर पर फत्तेपुर के रहने वाले रमेश और छैलबिहारी भी साथ में मजदूरी करते हुए मिट्टी भरने और उतारने का काम करते थे।
नौ जनवरी 2007 को ढखेरवा के आगे ग्राम तेलियारपुर में हासिन के भट्ठे पर मिट्टी डालकर वापस लखीमपुर आते समय बेलपुरवा गांव के पास रमेश व छैलबिहारी से शराब पीकर ड्राइवर विजय उर्फ पलटू का झगड़ा हो गया था।
इसमें दोनों ने गले में पड़े मफलर को खींच कर विजय उर्फ पलटू को मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में विजय की पत्नी तन्नू ने नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई थी। अभियोजन ने अदालत में तन्नू, राकेश, रामपाल, डॉक्टर राजेंद्र प्रसाद और सुंदर लाल वर्मा की गवाही दर्ज कराई और बचाव पक्ष की कोई भी दलील नहीं लगने दी।
सोमवार को इस मामले में जिला जज शिवकुमार सिंह ने अपना फैसला सुनाते हुए दोनों आरोपियों को गैर इरादतन हत्या के मामले में दोष सिद्ध किया। अदालत ने अपने फैसले में यह स्पष्ट किया था कि वसूल किए गए जुर्माना की राशि में से आधी रकम मृतक की पत्नी को मुआवजे के रूप में भुगतान की जाएगी।