महेवागंज/फूलबेहड़। सिसौरा गांव में मोर के शिकार की आशंका पर शनिवार शाम पुलिस और वन विभाग की टीम ने दो लोगों को हिरासत में लिया। हालांकि कई घंटे की पूछताछ और जांच के बाद आरोप सही नहीं पाए गए, जिसके बाद दोनों को छोड़ दिया गया।
ग्रामीण की सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम सिसौरा गांव पहुंची थी। टीम को मौके से एक छोटा कुडरा (जाल) और पक्षी के कुछ पंख मिले थे। इसके बाद दो संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।
बाद में गोला रेंज के वनकर्मी दोनों को अपने साथ ले गए। रविवार को वन विभाग ने जांच में संरक्षित पक्षी के शिकार की पुष्टि न होने की बात कहते हुए दोनों को क्लीन चिट दे दी। इसके बाद दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया।
प्रभागीय वनाधिकारी गोला संजीव तिवारी ने बताया कि किसी ग्रामीण ने सिसौरा गांव में मोर के शिकार की आशंका जताते हुए सूचना दी थी। सूचना पर क्षेत्रीय वन दरोगा कुलदीप टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। पूछताछ में शिकार की पुष्टि नहीं हुई।
फूलबेहड़ प्रभारी निरीक्षक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि मामला संदिग्ध लग रहा है। प्रथम दृष्टया मामला आपसी रंजिश का प्रतीत हो रहा है। मामले की जांच की जा रही है।