एंटी करप्शन के हत्थे चढ़े दो पीसीएफ के बाबू
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पीसीएफ के दो बाबूओं ने ठेकेदार के 40 लाख के भुगतान कराने को लेकर 90 हजार की घूस मांगी। घूस मांगे जाने के बाद ठेकेदार ने एंटी करप्शन के अधिकारियों से इस बात की शिकायत की। इसके बाद टीम के अधिकारियों ने पूरा मामला समझा और ठेकेदार को 90 हजार देने की बात कही। बताया जाता है कि जैसे ही बाबूओं ने घूस के रुपये हाथ में लिए टीम ने दबोच लिया। टीम ने दोनों बाबूओं को अलग अलग जगहों से गिरफ्तार किया है।
बताते चलें कि पीसीएफ में आनन्द सिंह लंबे समय से ठेकेदारी करते आ रहे हैं। आनन्द खाद लाने और ले जाने का काम करते हैं। आनन्द के मुताबिक विभाग पर उनका करीब 40 लाख रुपये का भुगतान बकाया था। इसको लेकर कई बार बाबूओं और अधिकारियों से भुगतान करने की बात कही गई।
आरोप है कि भुगतान के कागज आगे बढ़ाने को लेकर पीसीएफ के पटल सहायक अनिल वर्मा उनसे 70 हजार और भंडार नायक हिमांशु शेखर 20 हजार रुपये मांगे। रुपये न देने पर दोनों बाबूओं ने उनकी फाइल आगे अधिकारियों तक नहीं पहुंचाई। हाल यह हुआ कि उनका भुगतान लटक गया। बाबूओं की इस करतूत की शिकायत ठेकेदार ने एंटी करप्शन के अधिकारियों से की।
शिकायत मिलने के बाद अरुणेश गुप्ता के नेतृत्व में एक टीम बनाई गई। टीम शनिवार की सुबह तड़के खीरी आई और ठेकेदार को रुपये देने की बात कही। योजना के तहत ठेकेदार उनको रिश्वत के रुपये देने गया। ठेकेदार ने बताया कि जैसे ही उन्होंने रुपये बाबूओं को दिए टीम के अधिकारियों ने रंगेहाथों दबोच लिया।
एंटी करप्शन टीम में शामिल अधिकारियों के मुताबिक एक बाबू की गिरफ्तारी रोडवेज बस अड्डे के समीप से हुई वहीं दूसरे की गिरफ्तारी गुरुनानक इंटर कॉलेज के पास से की गई। दोनों बाबूओं को लेकर टीम कोतवाली पहुंची जहां पर लिखापढ़ी के बाद मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोपियों को अपने साथ लखनऊ ले गई है।