मझगईं। ग्राम पंचायत कोठिया में हर घर जल का सपना कागजों तक ही सिमटकर रह गया है। गांव में पेयजल की समस्या बरकरार है। हैरानी की बात यह है कि गांव में दो-दो ओवरहेड टैंक है। फिर भी ग्रामीण प्यासे हैं।
ग्राम प्रधान रमाशंकर जाटव ने बताया कि गांव में नए ओवरहेड टैंक के निर्माण को करीब दो साल बीत चुके हैं। उम्मीद थी कि प्यास बुझेगी लेकिन आज तक इस पर सौर ऊर्जा की प्लेटें ही नहीं लग सकीं। बिना बिजली के यह करोड़ों का प्रोजेक्ट महज शो-पीस बनकर रह गया है।
रही-सही कसर चोरों ने पूरी कर दी, जो बोरवेल का ढक्कन तक उड़ा ले गए। कोठिया के मजरा गंगापुरवा में एक ओवरहेड टैंक बना है लेकिन उसका लाभ भी ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा। प्रधान के मुताबिक, जलापूर्ति के लिए बिछी पाइप लाइन जगह-जगह से टूटी है। इस कारण पानी कोठिया तक पहुंच ही नहीं पा रहा। इसका खामियाजा सीधे तौर पर आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
ग्रामीणों का कहना है कि मजबूरन उन्हें निजी स्रोतों और दूर स्थित हैंडपंपों का सहारा लेना पड़ रहा है। इन हैंडपंपों से जहरीला ऑर्सेनिक युक्त पानी निकल रहा है। इससे बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों ने कई बार विभागीय अधिकारियों से शिकायत की लेकिन नतीजा शून्य रहा। आक्रोशित ग्रामीणों ने अब प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सौर प्लेटें लगाकर जलापूर्ति शुरू नहीं की गई तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे। संवाद