आवास विकास नहर पटरी के किनारे बनाया जा रहा नाला। संवाद
- फोटो : टूंडला के राजा का ताल में जन आक्रोश रैली निकालते भाजपाइ्र संगठन
लखीमपुर खीरी। शहर को जलभराव से राहत देने के लिए नगर पालिका करीब साढ़े चार करोड़ रुपये की लागत से आठ नालों का निर्माण करा रही है, लेकिन इनमें से दो नालों का काम अतिक्रमण में फंसने से प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े हो गए हैं। यदि समय रहते अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बरसात में फिर कई इलाकों में जलभराव की समस्या बनी रह सकती है।
नगर पालिका के मुताबिक, बड़े नालों का निर्माण कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के जरिये कराया जा रहा है, जबकि मोहल्लों के नाले नगर पालिका खुद बनवा रही है। अधिकांश नालों का काम लगभग पूरा हो चुका है और अब उन्हें मुख्य ड्रेनेज से जोड़ने का कार्य शेष है।
आवास विकास क्षेत्र में नहर किनारे से खीरी रोड स्थित डॉन बॉस्को पुलिया तक करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बन रहा 800 मीटर लंबा और एक मीटर चौड़ा आरसीसी नाला अंतिम चरण में है। इसमें करीब 200 मीटर काम बाकी है। इसके पूरा होने पर निचले इलाकों को राहत मिलने की उम्मीद है, लेकिन पूरे सिस्टम के चालू होने के लिए सभी नालों का कनेक्ट होना जरूरी है।
जेई समरा सईद के अनुसार थरवरनगंज और हिदायतनगर में अतिक्रमण के कारण नाला निर्माण शुरू नहीं हो सका है।
यही दोनों नाले पूरे ड्रेनेज सिस्टम की कड़ी माने जा रहे हैं। ऐसे में इनके अधूरे रहने पर बाकी नालों से भी पूरी राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। इसको लेकर कवायद चल रही है।