तहसील के बहुचर्चित बाढ़ राहत घोटाले की दो माह चली लंबी जांच के बाद पुलिस ने एक दलाल शुक्ल प्रसाद यादव को धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार कर चालान भेज दिया है। पूछताछ के दौरान तीन लेखपालों के अलावा अन्य दलालों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस के मुताबिक घोटाले में शामिल अन्य दलालों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। घोटाले की सारी पर्तें खुलने के बाद भी जांच अधिकारी लेखपालों को बचाते नजर आ रहे हैं।
घोटाले में बैंक की संलिप्तता भी उजागर
बाढ़ राहत घोटाले में भारतीय स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक समेत कई कर्मियों की संलिप्तता भी उजागर हुई है। जिन्होंने पहचानपत्रों की जांच पड़ताल किए बिना फर्जी खाते खोल दिए। पहले तो इसे लापरवाही माना गया, बाद में जांच के दौरान इस घोटाले में कई बैंक कर्मियों की संलिप्तता सामने आई। हालांकि एसडीएम के निर्देश पर स्टेट बैंक के शाखा प्रबंधक ने ही दलालों के खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
घोटाले के आरोपी लेखपाल को मिला इनाम
बाढ़ राहत के चेक दलालों के हाथ बेच देने के आरोपी तीन लेखपालों खिलाफ कार्रवाई होना तो दूर इनमें से लेखपाल को आधा दर्जन सर्किलों का चार्ज देकर पुरस्कार से नवाजा गया है। यहीं नहीं यह लेखपाल न केवल जांच प्रभावित करने का प्रयास कर रहे हैं बल्कि हाल ही में बने फसल मुआवजा के चेकों में भी खेल कर रहे हैं।
एसडीएम निघासन पीके सिंह ने बताया कि बाढ़ राहत का घोटाला बड़े पैमाने पर हुआ है। लाभार्थियों के चेक दलालों को सौंपने के मामले में प्रथम दृष्टया लेखपाल दोषी पाए गए हैं। घोटाले में इनकी भूमिका की गहराई से जांच की जा रही है। घोटाले में जो भी दोषी मिलेगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।