दुधवा टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. एच राजा मोहन और बफर जोन के डीडी सौरीष सहाय ने बताया कि मादा तेंदुए की मौत अंदरूनी अंग फेल होने से हुई है, जबकि नर तेंदुए की मौत चोटें लगने से हुई है। मादा तेंदुए के अंगों के नमूने लेकर जांच के लिए भरतीय पशु चिकित्सा अनुसंधान संस्थान (आईवीआरआई) बरेली भेजे गए हैं।
तेंदुए के हमले में घायल वन दरोगा समेत अन्य की हालत में सुधार
बबुरी भट्ठे पर तेंदुए के हमले में घायल हुए वन दरोगा राजेश दीक्षित, मिहीलाल और इकबाल का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। सभी की हालत में अब सुधार है। बबुरी में तेंदुए ने सबसे पहले मिहीलाल पर ही हमला किया था, जिसमें मिहीलाल तेंदुए से भिड़ गए थे। काफी देर तक वह तेंदुए को दबोचे रहे, जिसमें तेंदुए ने भी उन पर पंजों से गंभीर वार कर घायल किया। इसी बीच ग्रामीणों ने ईंटों से हमला करके तेंदुए को भी घायल कर दिया था।
रेंजर नृपेंद्र चतुर्वेदी और पीआरवी आरक्षी राम सजीवन पूरी तरह ठीक हैं। घायलों को देखने विधायक विनोद शंकर अवस्थी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने हाल जाना एवं घायल ग्रामीणों के परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की।
डीएम ने मिहीलाल को 50 हजार रुपये की मदद की। डीएम ने घायल फॉरेस्ट गार्ड राजेश दीक्षित से भी मुलाकात की। इस दौरान प्रभागीय वनाधिकारी उत्तरी सौरीष सहाय, सीएमएस आरके कोली आदि अफसर मौजूद रहे।