मार्च से तेंदुओं की दहशत
निघासन और आस-पास के इलाकों में तेंदुओं के हमलों का सिलसिला 25 मार्च से शुरू हुआ था। सिंगाही थाना क्षेत्र के फुटहा फार्म में किसान जोगा सिंह की सात वर्षीय बेटी सिमरन को तेंदुआ घर से उठाकर खेत में ले गया था। गंभीर चोटों के चलते उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद 18 अप्रैल को निबौरिया गांव के नया पुरवा में खेत से चार वर्षीय दिलशाद को तेंदुआ उठा ले गया था। देर रात उसका अधखाया शव बरामद हुआ था।
25 अप्रैल को सहिजना गांव में बरामदे में सो रही संध्या देवी पर भी तेंदुए ने हमला कर दिया था। तेंदुआ उन्हें घसीटकर खेत की ओर ले गया, जहां उनकी मौत हो गई। लगातार हुई घटनाओं के बाद लट्ठौहा, बैरिया समेत आसपास के गांवों में ग्रामीणों में दहशत बनी हुई थी।
छह माह में पकड़े गए 15 तेंदुए
वन विभाग के अनुसार पिछले छह माह में कटैला फार्म, सिंधौना, नौरंगाबाद, रननगर, सिंगहा, भिड़ौरी, मूर्तिहा, इंदरनगर और बैरिया समेत विभिन्न इलाकों से तेंदुए पकड़े गए हैं। मंगलवार को उत्तर और दक्षिण रेंज में दो तेंदुओं के पकड़े जाने के बाद यह संख्या बढ़कर 15 हो गई है। निघासन वन विभाग के एसडीओ मनोज तिवारी ने बताया कि दोनों तेंदुओं का स्वास्थ्य परीक्षण कराया जाएगा। इसके बाद उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देशन के अनुसार उन्हें सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ा जाएगा या चिड़ियाघर भेजा जाएगा।