लखीमपुर खीरी जनपद में शारदा नदी का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। ग्रंट नंबर 12 गांव में सोमवार को नदी की तेज धारा में दो पक्के मकान पलक झपकते ही समा गए। ग्रामीणों के सामने ही लहरों ने पूरे मकान को निगल लिया। कटान से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक, गांव के पप्पू गौतम और अमर सिंह के पक्के मकान शारदा की कटान की चपेट में आ गए। दोनों परिवार मकान में रखी सामग्री तक नहीं निकाल पाए। देखते ही देखते मकान नदी की लहरों में समा गए। मकानों के टूटते ही चीख-पुकार मच गई। प्रभावित परिवार खुले आसमान के नीचे आ गए।
प्रभावित परिवारों के लिए आवास की मांग
गांव के लोगों का कहना है कि शारदा का जलस्तर भले ही कुछ कम हुआ हो, लेकिन नदी अब भी पूरी रफ्तार के साथ कटान कर रही है। हालात ऐसे हैं कि हर दिन किसी न किसी का आशियाना नदी में समा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तुरंत कटान प्रभावित परिवारों के लिए सुरक्षित स्थान और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है।
मौके पर पहुंची राजस्व टीम ने नुकसान का जायजा लिया और प्रभावित परिवारों को हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया। वहीं कटान के डर से गांव के कई परिवार घर बार छोड़कर रिश्तेदारों के यहां पनाह ले रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि जब तक पक्की व्यवस्था नहीं की जाएगी, तब तक उनका दर्द कम नहीं होगा।