लखीमपुर खीरी। धौरहरा ब्लॉक के 13 ग्राम पंचायतों में हुए हैंडपंप रीबोर घोटाले में बड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग ने रीबोर कराने वाली दो फार्मों को ब्लैक लिस्ट कर एफआईआर के आदेश दिए हैं। दो सचिवों को भी निलंबित किया गया है। घोटाला करने वाले 13 ग्राम पंचायतों के प्रधानों और सचिवों से 15 लाख रुपये रिकवरी के आदेश हुए हैं। पांच सचिवों पर रिकवरी के साथ ही विभागीय कार्रवाई की संस्तुति की गई है।
जनपद में लंबे समय से विकास कार्यों के नाम पर खेल चल रहा है। प्रधान, सचिव, एडीओ पंचायत सहित अन्य जिम्मेदार अफसर मिलकर खूब मोटी कमाई करते आ रहे हैं। खूब शिकायतें भी होती रही, लेकिन कोई कार्रवाई न होने से घोटालेबाजों के हौसले और बढ़े गए। धौरहरा, ईसानगर सहित कई ब्लाकों में हैंडपंप रीबोर के नाम पर 13 ग्राम पंचायतों से मोटी रकम खर्च की गई, लेकिन काम नहीं कराया गया।
अफसरों के संरक्षण में फर्जी बिल बाउचर लगाकर धनराशि हजम कर ली गई। इस मामले की शिकायत डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और सीडीओ अभिषेक कुमार के पास पहुंची। डीएम ने मामले में गंभीरता दिखाते हुए जांच के लिए जिलास्तरीय कमेटी गठित कर दी। कमेटी ने जब जांच रिपोर्ट सौंपी तो अफसर चौंक गए। 13 ग्राम पंचायतों में रीबोर के नाम पर बड़ा खेल सामने आया। बिना काम कराए 15 लाख से अधिक फर्जी बिल बाउचर लगाकर भुगतान कर दिया गया।
जांच में धौरहरा की ग्राम पंचायत रामलोक, केशवापुरखुर्द, महाराजनगर, केशवापुर कलां, घुरघुट्टाबुजुर्ग, शाहपुर, डिहुआकंला, जंगलवाली, अमेठी, मिर्जापुर, बबुरी, परसा एवं मटेहनी में मेसर्स अली वारिस कॉन्ट्रैक्टर और अली कॉन्ट्रैक्टर फर्मों का रीबोर के नाम खेल पकड़ा गया। डीएम व सीडीओ के निर्देश पर डीपीआरओ ने सभी 13 गांव के प्रधान व सचिव से 15,06,975 वसूली के आदेश दिए हैं।
ग्राम पंचायत अधिकारी रोहिताश बसंवार और ग्राम विकास अधिकारी नवल किशोर वर्मा को निलंबित किया है। शेष पांच सचिवों से वसूली के साथ विभागीय कार्रवाई की जा रही है।
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जिलेभर के गांवों की होगी जांच
सीडीओ अभिषेक कुमार ने बताया कि धीरे-धीरे सभी ग्राम पंचायतों की जांच कराई जाएगी, ताकि गड़बड़ी करने वालों पर शिकंजा कसा जा सके। किसी भी दशा में सरकारी धनराशि का दुरुपयोग नहीं होने दिया जाएगा।