फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Lakhimpur Kheri News: छत और सड़कों पर बसेरा... चारपाई पर बन रहा खाना

विज्ञापन
निघासन के पतिया गांव के घरों में भरा पानी   संवाद
विज्ञापन
लखीमपुर खीरी। पलिया, बिजुआ, निघासन, धौरहरा और फूलबेहड़ इलाके के गांवों के लोगों की मुश्किलें बढ़ती ही जा रही हैं। घरों में पानी भरा है। बाढ़ पीड़ित छत, सड़कों और अन्य ऊंचे स्थानों पर पनाह लिए हैं।
विज्ञापन

प्रशासन की ओर से खाने के पैकेट तो पहुंचाए जा रहे हैं, लेकिन बच्चों को दूध और अन्य आवश्यक वस्तुएं नहीं मिल पा रही हैं। सब्जियां और अन्य जरूरी सामान के लिए लोग परेशान है। सूखा स्थान न होने से चारपाई पर ही ईंट रखकर खाना बनाने को विवश हैं। शारदा नदी की बाढ़ का पानी निघासन क्षेत्र के करीब 100 गांवों में भर गया है। पलिया-निघासन स्टेट हाईवे के दक्षिण तरफ बल्लीपुर से बंधा पर स्थित बंगाली कॉलोनी तक लगभग 42 किलोमीटर तक के सारे गांव बाढ़ की चपेट में हैं।
बाढ़ पीड़ितों की पूरी फसल नष्ट हो गई है। आवागमन में भी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। पतिया ग्राम पंचायत के गांव भानपुरवा में तहसीलदार भीमचंद ने 200 लंच पैकेट, लेखपाल श्याम किशोर ने भदुरैहिया गदियाना में 150 और प्रधान इकराम अली ने पतिया गांव पश्चिम मोहल्ले में 50 लंच पैकेट वितरित किए। बल्लीपुर ग्राम पंचायत के गांव गोतेबाजपुरवा की स्थिति काफी दयनीय है।
विज्ञापन

25 से अधिक घरों के लोग आज भी छतों और चारपाई पर खाना बनाने को विवश है। गांव से आने-जाने का मुख्य मार्ग बाधित है। ग्रामीणों को दैनिक उपयोगी वस्तुएं नही मिल पा रही हैं। प्रशासन ने अब तक गोतेबाजपुरवा में कोई भी राहत सामग्री नही पहुंचाई है। गोतेबाज पुरवा के अफसर अली, पेशकार, जमील और जाबिर आदि ने बताया कि गांव में तीन दिन से पानी भरा है, लेकिन प्रशासन ने कोई व्यवस्था नहीं की है। एसडीएम राजीव निगम ने बताया कि लंच पैकेट की व्यवस्था की जाएगी।
-
तीन दिनों से भरा है 20 गांवों में बाढ़ का पानी
धौरहरा। धौरहरा तहसील क्षेत्र के ओझापुरवा, कैरातीपुरवा, डुडकी, रुद्रपुर, गोतेबाजपुरवा, बिंजहा, बंशीबेली, बनटुकरा, मांझासुमाली, समदहा, गौढ़ी मिलिक, सधुवापुर बेतीसहदेव रामलोक, गनापुर, दुर्गापुर पड़री, डाबर, जंगलमटेरा सहित करीब 20 गांवों में तीन दिनों से पानी भरा है। राहत की बात यह है कि पानी घटना शुरू हो चुका है। लोग बैलगाड़ी, ट्रॉली और चारपाई पर जिंदगी गुजार रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें प्रशासन की ओर से कोई सहायता नहीं मिली है। एसडीएम राजेश कुमार ने बताया कि बाढ़ प्रभावित बिंजहा, परसा, मांझासुमाली, गनापुर, डुड़की, चकदहा सधुवापुर में लंच पैकेट वितरित किए गए हैं। बाढ़ राहत किट शाम तक वितरित कराई जाएगी।
-
सड़क पर बाढ़ पीड़ित, नदी का जलस्तर घटना शुरू
तिकुनिया। घरों में मोहाना नदी की बाढ़ का पानी भर जाने से कई गांवों के ग्रामीण सड़कों पर तंबू तानकर रह रहे हैं। गुरुद्वारे के निकट सड़क पर प्लास्टिक तंबू तानकर रह रहे बेचेलाल, पन्ना, शत्रोहन, नंदी, सुबरन लाल, जनकपुर की गुड्डी, बसंती, रामकली, राम सिंह, झब्बू, सुनीता, बेचन शर्मा, संदीप सुवाली, गौतम घनश्याम, गोविंदा, लवकुश, पन्नालाल, सतीश और विमलेश ने बताया कि इस बार इतनी तेजी से पानी घरों में घुसा कि वे लोग जान बचाकर किसी तरह बच्चों को लेकर भागे। राशन और खाने पीने की सामग्री घरों में छूट गई। अब तहसील प्रशासन के भरोसे हैं। लेखपाल ने गुरुद्वारे में खाना खाने की बात कही है। एसडीएम राजेश निगम ने बताया कि घरों से पानी निकल जाने के बाद सर्वे कराकर बाढ़ पीड़ितों की मदद की जाएगी।

निघासन के पतिया गांव के घरों में भरा पानी   संवाद

निघासन के पतिया गांव के घरों में भरा पानी   संवाद

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें