लखीमपुर खीरी। पुरानी रंजिश के चलते होली के रंग उत्सव के दौरान के ग्रामीण और उसके भतीजे पर जानलेवा हमला करने के 19 साल पुराने मामले में एडीजे प्रतिभा नारायण ने दो हमलावरों को दोषी पाया है। उन्हें 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 11000 रुपये का जुर्माना लगाया है।
एडीजीसी कपिल कटियार ने बताया कि सात मार्च 2004 को ईसानगर थाना क्षेत्र के ग्राम सुजावलपर निवासी मुलेहै अपने भतीजे प्रमोद के साथ खेत से वापस घर लौट रहा था। तभी दोपहर 12:30 बजे गांव पगडंडी पर उसके गांव के बलराम पासी और मूलहे पासी मिल गए। हमलावरों में फायरिंग करते हुए मुलेहै की जांघ में गोली मार दी। प्रमोद को भी चोटें आईं। उसी दिन थाना ईसानगर में मामले की रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू किया तो अगले दिन सुजावलपुर परसिया मोड़ पर पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को गिरफ्तार किया था।
अदालत में 19 साल तक चले मुकदमे की सुनवाई के बाद बृहस्पतिवार को फैसला सुनाते हुए एडीजे प्रतिभा नारायण ने दोनों हमलावरों को दोषी साबित पाया।