बिजली विभाग के 132 केवीए छाउछ उपकेंद्र के आंकड़ों पर गौर करें तो वहां से शहरी क्षेत्र को 15 घंटे बिजली की सप्लाई की जा रही है। लेकिन लोकल के उपकेंद्रों की कैपिसिटी के मुकाबले सर्दी में बिजली की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। घरों में ब्लोअर, हीटर, एसी, गीजर सहित तमाम उपकरणों के धड़ल्ले से हो रहे इस्तेमाल के कारण उपकेंद्रों पर मशीनें और मोहल्लों में निकले फीडर ओवरलोड हो रहे हैं। खासकर नई बस्ती उपकेंद्र से वीआईपी कहे जाने वाले जेल फीडर, विकास भवन, आवास-विकास और खीरी टाउन फीडर पर क्षमता से अधिक लोड बढ़ गया है। अकेले 300 एम्पियर की क्षमता वाले जेल फीडर पर 320 एम्पियर के करीब लोड पड़ रहा है। जिससे ट्रिपिंग की दिक्कत तेजी से बढ़ी है। गढ़ी उपकेंद्र के सात नंबर, दो नंबर और पांच नंबर फीडर पर बिजली का लोड बढ़ता जा रहा है। जबकि छाउछ उपकेंद्र से संचालित होने वाले एक नंबर, गोटैयाबाग, रामनगर, श्यामनगर के फीडर पर ट्रिपिंग से लोग परेशान हैं। बिजली अधिकारियों का कहना है कि फीडर पर ट्रिपिंग होने से बिजली सप्लाई करना मुश्किल होता जा रहा है। बढ़े हुए बिजली लोड से मशीनों को बचाने के लिए सप्लाई काटनी पड़ रही है। अगर यही हाल रहा तो शहर के फीडर को संचालित करने के लिए लोकल स्तर पर रोस्टिरिंग जारी करनी पड़ सकती है। गढ़ी उपकेंद्र के जेई मनोज पुष्कर का कहना है कि उपकेंद्रों पर मशीनों को फुंकने से बचाने के लिए वहां तैनात कर्मचारियों को ज्यादा मशक्कत करनी पड़ रही है।