पलियाकलां में ट्रेन के साथ सेल्फी लेते लोग।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
तमाम लोग ऐसे भी थे जो केवल ट्रेन चलने का नजारा देखने आए थे
लखीमपुर खीरी। करीब 345 दिन के बाद रविवार को वह शुभ घड़ी आ ही गई, जिसका लोगों को इंतजार था। रविवार सुबह छह बजे से ही स्टेशनों पर चहलकदमी होने लगी थी। कुछ मुसाफिर ऐसे थे जिन्हें सीतापुर और लखनऊ की ओर जाना था तो कुछ गोला होते हुए मैलानी की ओर जाने वाले थे। बड़ी संख्या में लोग ऐसे भी थे जो सिर्फ एक साल बाद चल रहीं ट्रेनों को देखने के लिए पहुंचे थे।
गंतव्य तक जाने के लिए यात्री टिकट लेकर ट्रेन आने का इंतजार करने लगे। मैलानी से लखनऊ जाने वाली विशेष एक्सप्रेस गाड़ी निर्धारित समय 7:38 मिनट पर आई और 7:40 बजे रवाना हुई, जबकि लखनऊ से मैलानी जा रही विशेष एक्सप्रेस गाड़ी निर्धारित समय 9:58 से दो मिनट की देरी से पहुंची। ट्रेन पहुंचते ही यात्रियों ने सीट लेकर सुहाने सफर की शुरुआत की।
लखीमपुर से मैलानी की ओर 45 तो लखनऊ की ओर 108 यात्री गए
लखीमपुर खीरी। मैलानी से लखनऊ की ओर ट्रेन चलने के पहले दिन रविवार को लखीमपुर से कुल 153 यात्रियों ने ट्रेन में सफर किया। सुबह लखीमपुर से लखनऊ की ओर जाने के लिए 51 और शाम को 57 यात्रियों ने सफर किया। इस तरह लखीमपुर से लखनऊ की ओर कुल 108 यात्री रवाना हुए। पहले दिन लखनऊ की ओर के 108 टिकट बिकने पर रेलवे को 6,295 रुपये की आय हुई, जबकि मैलानी की ओर जाने के लिए सुबह 28 और शाम को 17 टिकटों की बिक्री कर रेलवे ने 1400 रुपये का राजस्व अर्जित किया। इस तरह ट्रेन शुरू होने के पहले दिन लखीमपुर स्टेशन को कुल 7,695 रुपये की आय हुई। संवाद