मेला रोड पर बिना बाडी वार्न कैमरे के डयूटी करता ट्रैफिक कर्मचारी
लखीमपुर खीरी। ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन को रोकने के लिए शासन की तरफ उपलब्ध कराए गए बॉडी वार्न कैमरे सिर्फ कुछ ही सिपाहियों के पास हैं। इसके चलते चालान कटने पर वाद-विवाद की स्थिति भी उत्पन्न हो रही है।
बता दें कि बॉडी वार्न कैमरे में ऑडियो और वीडियो रिकार्डिंग होती है, जो घटना के समय सबूत के तौर पर पर्याप्त होती थी। लेकिन इधर करीब एक सप्ताह से ज्यादा का समय बीतने को है, शहर के चौराहे पर ड्यूटी पर तैनात ट्रैफिक सिपाहियों के पास से कैैमरे नहीं हैं। शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को संभालने के लिए करीब 45 सिपाहियों की ड्यूटी लगाई गई है, जिनमें से महज छह सिपाहियों को ही बॉडी वार्न कैमरे दिए गए हैं।
एक सिपाही ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि अभी तक हम लोगों को कैमरे नहीं दिए गए हैं। कुछ ही सिपाहियों के पास यह कैमरे उपलब्ध हैं। कभी कभार ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों से काफी कहासुनी हो जाती है। ऐसे में खुद के पास साक्ष्य रखने के लिए मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना पड़ता है। टीएसआई चिरंजीवी मोहन ने बताया कि बजट जैसे जैसे आता जाएगा, कैमरे मंगवाए जाएंगे।