दुधवा नेशनल पार्क में पर्यटन को डीडी ने सरकारी वाहनों से शुरू करा दिया, लेकिन इसका कोई फर्क आंदोलन पर नहीं पड़ा है। रविवार को जिप्सी चालक, मालिक, गाइड, दैनिक कर्मी पलिया मुख्यालय पहुंचे और यहां उन्होंने जोरदार प्रदर्शन और नारेबाजी की। उन्होंने कहा कि जब तक उनको न्याय नहीं मिल जाता है, वह आंदोलन जारी रखेंगे।
गौरतलब है कि 28 जनवरी से दुधवा के जिप्सी चालक, गाइड कार्य बहिष्कार पर हैं। इसके चलते यहां दो दिन तक अघोषित रूप से पर्यटन बंद रहा। पर्यटन पर बुरा असर पड़ा तो डीडी ने आंदोलनकारियों से वार्ता की, लेकिन कोई हल नहीं निकल सका। इस पर डीडी ने पार्क क्षेत्र में पेट्रोलिंग समेत कई सरकारी वाहनों को सैलानियों को जंगल का दीदार कराने के लिए लगा दिया। शनिवार शाम वह खुद वहां पहुंचे और सरकारी वाहनों से सैलानियों को जंगल भ्रमण के लिए रवाना किया। उम्मीद थी कि इससे आंदोलन खत्म हो जाएगा लेकिन आंदोलनकारियों पर इसका कोई असर नहीं पड़ा। उनका आंदोलन जारी रहा। इससे पहले आंदोलनकारी रविवार को पलिया दुधवा मुख्यालय पर एकत्र हुए और बैठक की। इसके बाद प्रदर्शन और नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को दोहराया। कर्मियों ने यहां पार्क के अन्य संगठनों से भी सहयोग करने की अपील की। पदाधिकारियों का कहना है कि आंदोलन कार्रवाई से पहले बंद नहीं होगा।
सुबह 54 ने देखा जंगल
रविवार को करीब 54 सैलानियों को सरकारी वाहनों से दुधवा नेशनल पार्क के पर्यटन क्षेत्र का भ्रमण कराया गया। शाम की शिफ्ट में काफी सैलानी जंगल भ्रमण के लिए तैयार थे।