पलियाकलां। दुधवा नेशनल पार्क 15 नवंबर को खुलेगा। वन्यजीवों के अलावा सैलानियों को ठंडे देशों से आने वाले प्रवासी पक्षी भी लुभाएंगे। शीत ऋतु के साथ दुधवा परिक्षेत्र में आमद शुरू हो गई है। तालाबों और झीलों के पास करीब चार माह का समय यहां व्यतीत कर प्रजनन के बाद वापस पक्षी अपने देशों को लौटेंगे। प्रवासी परिंदे सैलानियों के लिए सबसे अधिक आकर्षण का केंद्र होते हैं।
दुधवा नेशनल पार्क में आने वाले अधिकतर सैलानियों की निगाहें बाघ, तेंदुआ, हिरन, हाथी, गैंडा आदि को स्वच्छंद विचरण करते देखने के लिए रहती हैं लेकिन शीतकाल में आने वाले प्रवासी पक्षी भी सैलानियों का आकर्षण का केंद्र रहते हैं। दूरदराज से पक्षी प्रेमी दुधवा आकर विभिन्न देशों से आने वाले इन पक्षियों का दीदार करते हैं। दुधवा के किशनपुर, बांकेताल, बैडिटल, टाइगर पूल के साथ ही झादीताल में इन विदेशी प्रवासी पक्षियों की आमद शुरू हो गई है। यह पक्षी करीब 15 हजार किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर शीत ऋतु में दुधवा पार्क आते हैं। इसमें साइबेरियन पक्षी भी आते हैं जो यहां रुकने के बाद लगभग चार माह के समय के अंतराल पर वापस अपने देशों को लौटते हैं। झीलों या तालाबों के पास घोंसले बनाकर यह बच्चों के साथ रहते हैं। बताया जाता है कि ठंडे देशों के जलाशयों में बर्फ जमने के बाद यह पक्षी भोजन और वास की तलाश में लंबी यात्रा तय करते हुए दुधवा के जंगलों में अपना बसेरा बनाते हैं। रंग-बिरंगे इन प्रवासी विदेशी पक्षियों की कलरव सैलानियों को आकर्षित करता है।
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इन देशों से आते हैं यह प्रवासी पक्षी-------------
शीत ऋतु में रहने वाले यह प्रवासी पक्षी यूरोपीय देशों के साथ ही मध्य एशिया, चीन, तिब्बत, साइबेरिया सहित कई देशों से आकर दुधवा की शान बढ़ाते हैं। सैलानी इनको देखकर उत्साहित होते हैं तथा इनके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानने को उत्सुक रहते हैं।
यह हैं प्रवासी पक्षी
प्रवासी पक्षियों की सूची में कलश उरेशिन विजल पक्षी, लालसर, लेजर विल्सिंग डक, रूडी सेलडक, पिन टेल, कॉमन कोड, ग्रीलग गल्स, रेड क्रस्टेड पोचार्ड, गड़वाल, मेलार्ड, ग्रेट कोमार्ट प्रमुख हैं। इनके साथ तमाम प्रजातियों के पक्षी दुधवा नेशनल पार्क के जलाशयों
के किनारे अपना आशियाना बनाने के लिए हजारों किलोमीटर की लंबी यात्रा तय कर यहां पहुंचते हैं।
वर्जन
प्रवासी पक्षियों की आमद शीत ऋतु में शुरू हो चुकी है। नवीन पर्यटन सत्र में रौनक और बढ़ेगी। पक्षियों को देखकर सैलानी उत्साहित होते हैं और अपना अनुभव भी साझा करते हैं। झादीताल में यह प्रवासी पक्षी देखे जा सकते हैं।
-डॉ. रंगाराजू टी, डिप्टी डायरेक्टर दुधवा नेशनल पार्क